सपा का ड्रीम प्रोजेक्ट मौत बांट रहा, भाजपा देख रही तमाशा
मोदी और योगी के मंत्रियों के शहर में वोटरों पर मौत का साया
अंडरग्राउंड बिजली लाइन से हर गली बनी डेंजरस जोन
बदायूं में अंडरग्राउंड केबिल बाक्स में आज लगी आग, करंट से एक और युवक की मौत
कई लोगों की मौत के बाद भी बिजली विभाग हरकत में नहीं आया
हर गली में खुले पड़े हैं केबिल बाक्स, अभी से जर्जर हो गई है केबिल
बदायूं। खबर उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं से है। आज शहर के सुभाष चौक पर अंडरग्राउंड बिजली लाइन के केबिल बाक्स में भीषण आग लग गई। लोगों ने मिट्टी डाल कर जैसे तैसे आग पर काबू पाया। समीप ही पनबाड़ी बिजली घर है फिर भी कोई बिजली कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। केबिल बाक्स में आग लगने से सुभाष चौक और मोहल्ला ब्राहमपुर के 10-15 घरों के बिजली उपकरण फुंक गए। अफरातफरी मच गई। बड़ा हादसा होने से भी टल गया। यह इलाका बाजार होने की वजह से व्यस्तम है। अतिक्रमण से सड़क भी संकरी हो गई है।
इधर, शहर के इस्लामियां इंटर कालेज के गेट पर लगे बिजली पोल में करंट आने से आज मीरासराय के 35 वर्षीय नसीर की मौत हो गई। नसीर मानसिक रूप से बीमार बताया जाता है। आज शाम को वह इस्लामियां इंटर कालेज के गेट की चाहरदीवार पर चढ़ा, समीप ही बिजली पोल लगा है। इसमें करंट प्रवाहित होने की वजह से नसीर की मौत हो गई। परिवार वालों ने कार्रवाई से इंकार किया और बगैर पोस्टमार्टम कराए ही नसीर के शव को घर ले गए।

आज बारिश हो रही होती और कालेज खुला होता तो यह बिजली पोल कितनों की जान लेता, सोचने मात्र से रूह कांप जाती है। लगता है बिजली अफसरों को कोई चिंता नहीं है।
आपको बता दें कि वर्ष 2016 में सपा शासनकाल में सपा के पूर्व सांसद धर्मेद्र यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरु हुआ। यह प्रोजेक्ट पांच साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। अगर काम गुणवत्ता के साथ हुआ होता और समय से पूरा हो गया होता तो यह ड्रीम प्रोजेक्ट आज मौत नहीं बांट रहा होता। शहर भर में अंडरग्राउंड लाइन से बिजली सप्लाई शुरु होती और ऊपर जा रही बिजली लाइन व खंभे हट गए होते।
साढ़े चार साल से भाजपा की सरकार है। राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा केंद्रीय मंत्री है। शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता प्रदेश सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री है। योगी के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी डा. संघमित्रा मौर्य बदायूं से भाजपा की संासद हैं। इसके अलावा जिले में छह में से पांच भाजपा के विधायक हैं। फिर भी साढ़े चार साल में भाजपा के किसी मंत्री,सांसद,विधायक ने अंडरग्राउंड बिजली लाइन में घोटाले,बदहाली की कोई मांग नहीं उठाई। अंडरग्राउंड लाइन में सुधार के लिए कोई पहल या कार्रवाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया। जबकि अंडरग्राउंड बिजली लाइन की केबिल, बाक्स की बदहाली सभी को दिख रही है। आये दिन पशुओं और आदमियों की मौते हो रही हैं। तभी तो जनता कह रही है कि सपा का ड्रीम प्रोजेक्ट मौत बांट रहा और भाजपा तमाशा देख रही है।
आइये आपको शहर में खुले पड़े केबिल बाक्स, जर्जर केबिलों की तस्वीरें दिखाते हैं। आप खुद देखियें कैसे शहर की हर गली-मोहल्ला डेंजरस जोन बन चुका है। आप खुद देखे मोदी और योगी के मंत्रियों के वोटरों पर मौत का साया है या नहीं। फिर भी बिजली विभाग के बड़े अफसर अपनी लापरवाही नहीं मान रहे, उल्टे असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।













































































