पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने डॉ. शैलेश पाठक के बाढ़ राहत शिविर में पहुँच कर वितरित किया भोजन
दातागंज। बाढ़ से बेहाल दातागंज क्षेत्र के लोगों के लिए सेवा कार्य का अनूठा उदाहरण पेश कर रहे भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक का जनसेवा का जज्बा इन दिनों हर वर्ग में चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार कई दिनों से डॉ. शैलेश पाठक का बाढ़ राहत शिविर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक उम्मीद बन चुका है। इसी कड़ी में आज भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप भी राहत कार्य में शामिल हुए और डॉ. शैलेश पाठक के नेतृत्व में चल रहे बाढ़ राहत शिविर में पहुंचकर पीड़ितों के बीच जाकर भोजन व राहत सामग्री वितरित की। पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बाढ़ पीड़ितों के हालात का जायजा लिया और अपने निजी साधनों से राहत सामग्री वितरित कर पीड़ितों के लिए अपनी सहानुभूति व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज जनसेवा का सच्चा उदाहरण दातागंज क्षेत्र में भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चाहे कोरोना काल हो या आज का बाढ़ संकट – डॉ. शैलेश पाठक हर परिस्थिति में जनता की सेवा के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। धर्मेंद्र कश्यप ने कहा, “जब भी दातागंज क्षेत्र की बात आती है, सबसे पहले डॉ. शैलेश पाठक का नाम आता है। उनके सेवा भाव से हम सभी नेताओं को सीख लेनी चाहिए। इस कठिन समय में उनका समर्पण न केवल सराहनीय है, बल्कि एक प्रेरणा भी है। आज जो कार्य वे कर रहे हैं, वह स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया जाना चाहिए। इस संकट में जनसेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।” डॉ. शैलेश पाठक ने बताया कि पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने न केवल बाढ़ पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि स्वयं राहत सामग्री वितरण का कार्य भी किया। इस मौके पर पूर्व सांसद की पुत्री कीर्ति कश्यप ने भी पीड़ितों के बीच जाकर राहत सामग्री बांटी। उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया कि डॉ. शैलेश पाठक के नेतृत्व में पिछले कई दिनों से निःशुल्क भोजन सेवा बाढ़ पीड़ितों के लिए लगातार चल रही है। ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। मैं शैलेश जी को इस कार्य के लिए बधाई देती हूं।” इस अवसर पर पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने प्रशासन से विशेष रूप से अपील की कि वह बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

उन्होंने कहा कि जनसेवा केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने का माध्यम नहीं, बल्कि कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हम सभी को विपदा के समय में अपने मतभेद भूलकर सिर्फ मानवता की सेवा करनी चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राकेश वर्मा, ठाकुर प्रवेश कुमार सिंह, मनोज सोलंकी, ठाकुर इंद्रपाल सिंह, अखिलेश गुर्जर, पवन दुबे सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता डॉ. शैलेश पाठक व पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ बाढ़ पीड़ितों को भोजन, कपड़े, दवाई और अन्य राहत सामग्री वितरित करने में जुटे रहे। डॉ. शैलेश पाठक ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन हजारों पीड़ितों को भोजन, दवाई और जरूरी सामग्री नि:शुल्क वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमित सरकारी मदद के बावजूद उनकी टीम जनसेवा के इस मिशन को पूरे निष्ठा और समर्पण के साथ चला रही है। उन्होंने कहा, “जनसेवा की यह पहल किसी पुरस्कार की अपेक्षा नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारा फर्ज है। हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि बाढ़ पीड़ितों को एक पल भी भूखा न रहना पड़े।” पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से समझा जाना चाहिए और प्रशासन को शीघ्र प्रभावी कदम उठाकर राहत कार्य को और तेज करना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए ताकि वे इस आपदा से जल्द उबर सकें।कार्यक्रम के दौरान पीड़ितों ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और डॉ. शैलेश पाठक का तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “इस विपदा के समय में यह सेवा कार्य हमारे लिए आशा की किरण बनकर आया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ऐसे नेता हम सबके बीच हमेशा स्वस्थ और सशक्त बने रहें।” पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने इस मौके पर यह भी कहा कि केवल चुनावी समय में ही नहीं, बल्कि हमेशा जनसेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए, न कि केवल सत्ता का मोह इस प्रकार डॉ. शैलेश पाठक का यह बाढ़ राहत अभियान न केवल स्थानीय जनता के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, बल्कि अन्य नेताओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुका है। आने वाले समय में भी इस तरह के सेवा कार्य निरंतर चलेंगे और भाजपा कार्यकर्ता समाज के हर संकट में आगे आकर मानवता की सेवा करते रहेंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं की एकजुटता, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का सेवा भाव और डॉ. शैलेश पाठक का समर्पण आज बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी में आशा की नई किरण बनकर चमक रहा है। यह पहल इस बात की गवाही देती है कि सही सोच और समर्पित प्रयास से विपदा को भी अवसर में बदला जा सकता है।













































































