खेल जगत की खबरों के खिलाड़ी रहे फ़िरासत का यू ही अलविदा कह जाना सभी को अखर गया

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बरेली। यारो के यार थे फिरासत हुसैन, खेल जगत की खबरों के खिलाड़ी रहे फ़िरासत का यू ही अलविदा हो जाना सभी को अखर गया। जनार्दन आचार्य का 29 अगस्त 2025 को देर रात मुझे फोन आया और उन्होंने ही फिरासत हुसैन के इंतकाल होने और उसी दिन उनको दफन होने की सूचना दी। फिरासत हुसैन दैनिक विश्व मानव से पत्रकारिता में आए थे । बरेली में जब दैनिक जागरण आया तो कई मित्र लोगो के सहारे फिरासत हुसैन को भी दैनिक जागरण जैसे बड़े संस्थान में कार्य करने का बड़ा एवं खुला आसमान मिला। खेल की बीट मिलने पर उन्होंने कई समाचारों से अपना कद स्थापित किया। खेल की खबरों के वह खिलाड़ी रहे। उनकी बरेली स्पोर्ट्स स्टेडियम के नवनिर्मित तरणताल में दरार की खबर ने उन्हें अच्छी लोकप्रियता दिलाई। सुलझे विचार वाले मुस्लिम होने के बाबजूद दैनिक जागरण में वह सभी के प्रिय रहे। उनकी खास आदत थी कि वह अपने खबर शीर्षक को पेना बनाने को कई साथियों को दिखाकर उनकी राय लेते थे। और उस पर अमल भी करते थे। यू पी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन उपजा की बरेली इकाई से जुड़े रहे। उपजा में डॉ पवन सक्सेना ने फिरासत हुसैन को अपनी टीम में महामंत्री भी बनाया। उपजा के हितैषी फिरासत अपनी जबान से कड़वा बोलने के लिए पत्रकारों की आलोचना के कई बार शिकार भी हुए । पर उपजा के हित की वह बात करते थे। दिल के साफ होने के बकाए वह सभी के चहेते भी थे। दैनिक जागरण छोड़ने के बाद फ़िरासत हुसैन कुछ समय खुसरो मेल में रहे। पर मन नहीं लगने पर दैनिक कैनविज टाइम्स में चले गए। पर वह वहां कुछ उपजा में उन्हें नापसंद करने वाले घाघ साथियों की राजनीति का शिकार बनने से पहले ही बाहर निकलने को ही उन्होंने उचित समझा। फिरासत हुसैन उपजा एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नालिस्ट इंडिया के आगरा, लखनऊ, बनारस, दिल्ली, कोटा एवं प्रतापगढ़ के कार्यक्रमों में भी बरेली को टीम के साथ गए थे। जिसमें अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना, निर्भय सक्सेना, जनार्दन आचार्य, फहीम करार, विनय चौहान, विशाल गुप्ता, कृष्ण गोपाल राज, दिनेश पवन, संजीव गंभीर आदि भी थे। प्रेस क्लब पर झंडारोहण में भी वह समय से पहले आते थे। जब उनके पुत्र फराज हुसैन को स्वास्थ की समस्या हुई तो उपजा प्रेस क्लब अध्यक्ष पवन सक्सेना सहित सभी साथियों ने उनकी मदद की। जिसमें डॉ आई एस तोमर का विशेष योगदान रहा। डॉ तोमर के भी वह काफी करीबी थे। उनके चुनाव में भी वह जी जान से लगते थे। उपजा प्रेस क्लब में हुई शोक सभा में डॉ पवन सक्सेना एवं निर्भय सक्सेना ने उन्हें एक अच्छा एवं दिल का साफ व्यक्ति बताया। उनकी कुछ ब्रेकिंग खबरों की सराहना की। हीरो मोटर साइकिल पर थेला टांग कर चलना उनकी आदत थी। वह कहते थे कि वापसी में घर के लिए इसमें सब्जी ले जाता हूं। कही गिफ्ट मिला तो भी थैला कम आता है। पुराना शहर के रोहिली टोला निवासी पिता फरहत हुसैन एवं मां श्रीमती सादिया बेगम के घर उनका 6 जनवरी 1968 को जन्म हुआ था। वह पांच भाइयों एवं 2 बहनों में सबसे बड़े होने के नाते काफी लाडले थे। उनके पिता फरहत हुसैन कृषि विभाग में थे। फरहत हुसैन का 5 मई 2021 में निधन होने से उन पर परिवार की भी जिम्मेदारी आ गई थी। उनके पिता की खेती पीलीभीत में थी जिसे भी फ़िरासत देखते थे। फ़िरासत हुसैन ने रामपुर गार्डन में उत्तम कॉलेज की पढ़ाई की। बाद वह बरेली कॉलेज में आए। उनकी शादी पीलीभीत निवासी नाजुक जहां से 19 मई 1995 को बरेली में ही हुई थी। जिनसे उनका एक बेटा फराज हुआ। फराज आजकल दिल्ली की फिनटेक कंपनी के लिए ऑनलाइन कम कर रहे है। फिरासत हुसैन ईद पर अपने मित्रो को हर साल घर पर अवश्य बुलाते थे। उनके घर कई बार जाने का मुझे भी मौका मिला। उनकी बहन की शादी में भी जाना हुआ। बाद में वह स्वयं बीमार हो गए। पथरी के अलावा चलने में भी पैर की कमजोरी वाली समस्या हो गई। लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में जुलाई 2025 में दिखाने पर उन्हें दिल की समस्या बताकर डॉक्टर ने स्टंट डालने की सलाह दी गई। ऐसा उनके पुत्र फराज ने बताया। डॉक्टर ने उन्हें बीमारी के कारण दवा देकर घर पर ही आराम की सलाह दी थी। वह घर पर ही अधिकांश समय रहते थे। पर फोन पर फिरासत से अक्सर बात होती रहती थी। उनका भी फोन आता रहता था। आखिरी बार अगस्त में फोन पर वार्ता में उन्होंने कहा कि वह एक दो दिन बाद लखनऊ जाकर दिल की नसों में स्टंट डलवाने लखनऊ जाएंगे। पर पथरी के असहनीय दर्द के कारण अगस्त में ही उन्हें मौत ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। उपजा प्रेस क्लब में हुई शोक सभा में डॉ पवन सक्सेना ने उन्हें एक अच्छा व्यक्ति बताया। उनकी कुछ ब्रेकिंग खबरों की सराहना की। कई साथियों ने उनके साथ बिताए पलो की यादगार को साझा किया। महामंत्री मुकेश तिवारी, मो समी, पुत्तन सक्सेना, ललित कुमार, शुभम सिंह, अरविंद कुमार, विवेक मिश्रा, नीरज आनंद, अशोक शर्मा, विजय सिंह, संजय कुमार, सुरेश रोचानी, अशोक शर्मा लौटा, शंकर लाल, धर्मेंद्र सिंह बंटी, अजय मिश्रा, वीरेंद्र कुमार अटल किशोर आदि ने भी फ़िरासत हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया।

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