चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसी ग्लोबल डायलॉग्स 2026 का भव्य समापन
बदायूँ, । राजकीय महाविद्यालय, बदायूँ एवं ‘एकेडमिक सोसाइटी फॉर ह्यूमैनिटीज एंड लिटरेरी रिसर्च’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन।
“आईसी ग्लोबल डायलॉग्स 2026” का आज ऑनलाइन समापन समारोह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस शैक्षणिक महाकुंभ में देश-विदेश के सैकड़ों विद्वानों ने भाग लिया, जिसने बदायूँ को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर स्थापित कर दिया। सम्मेलन के अंतिम दिन का प्रथम सत्र अंग्रेजी साहित्य और भाषा पर केंद्रित रहा। इसकी अध्यक्षता महाराष्ट्र के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मेमोरियल कॉलेज ऑफ लॉ, धुले के डॉ. वैभव सबनिस एवं ओडिशा की सेंचुरियन यूनिवर्सिटी के डॉ. गिरीश राठ ने की। भारत के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों ने अंग्रेजी विषय में कुल 35 शोध पत्र प्रस्तुत किए। समानांतर रूप से हिंदी विषय का विशेष सत्र आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता एन.एम.एस.एन. दास पीजी कॉलेज, बदायूँ के डॉ. शैलेंद्र कबीर ने की। इसमें 31 प्रतिभागियों ने अपने शोध विचार रखे।
द्वितीय सत्र अर्थशास्त्र और वाणिज्य विषय का रहा, जिसकी अध्यक्षता एनएसयूटी, नई दिल्ली के डॉ. हिमांशु वार्ष्णेय ने की। सत्र का मुख्य आकर्षण इजरायल के सपीर एकेडमिक कॉलेज की प्रो. नुझा अलसाद अलहुजैल का ज्ञानवर्धक व्याख्यान था। उन्होंने महिलाओं की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, प्रतिरोध और सामाजिक परिवर्तन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके बाद विभिन्न राज्यों के शोधार्थियों ने 25 शोध पत्र प्रस्तुत किए।समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव डॉ. कृष्ण कांत गिरी उपस्थित हुए। उन्होंने समापन भाषण में शैक्षणिक प्रशासन, उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और संस्थागत विकास पर जोर दिया। उन्होंने महाविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच ग्रामीण क्षेत्रों के शोधार्थियों को वैश्विक मानकों से जोड़ते हैं।आयोजन समिति के पदाधिकारियों, कॉन्फ्रेंस चेयरमैन, आयोजन सचिव और प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा आगामी सम्मेलनों के लिए नई ऊर्जा के साथ जुड़ने का संकल्प लिया गया।














































































