धर्मांतरण फैक्ट्री का भंडाफोड़ चार आरोपी गिरफ्तार , पाकिस्तान से था संपर्क

बरेली। पुलिस ने धर्मांतरण फैक्ट्री चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। जिले में धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर छांगुर बाबा गैंग की याद ताज़ा कर दी है। पुलिस ने गुप्तचर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण कराने का काम कर रहा था। इस गिरोह का सरगना अब्दुल मजीद बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे भुता इलाके से अभियुक्त अब्दन मजीद पुत्र निसार अहमद निवासी ग्राम फैजनगर थाना भुता जिल्ला से धार्मिक धर्म से सम्बन्धित पुस्तकें बरामद की। अभियुक्त सलमान पुत्र अहमद रजा निवासी करेली थाना सुभाषनगर जिला बरेली। दो अदद पुस्तक जिसका शीर्षक “इस्लाम आंतक या आदर्श?” जिसके लेखक स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य है इनको बरामद किया, अभियुक्त मोहम्मद फहीम पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी सैदपुर चुन्नीलाल थाना भोजीपुरा जनपद बरेली इनके पास से एक डाक्टरी सफेद पट्टी व रुई व तीन आधे आधे ब्लेड के टुकडे बरामद किए। अभियुक्त मोहम्मद आरिफ पुत्र हफीज अहमद निवासी करेली थाना सुभाषनगर जिला बरेली से एक अदद धार्मिक पुस्तक जिसका शीर्षक नमाजे कामिल साथ नियतनामा बारह महिनो कि फजीलत मसनून दुआए बरामद की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन पर गुप्तचर इकाई कई दिनों से इस मामले की पड़ताल कर रही थी। जैसे ही गिरोह की गतिविधियों की जानकारी पुलिस को मिली, तुरंत दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया गया। पुलिस लाइन में एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि अब्दुल मजीद के गिरोह का नेटवर्क सिर्फ बरेली तक सीमित नहीं है, पाकिस्तानी और बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ है। गिरोह का काम खास तौर पर ऐसे परिवारों को निशाना बनाना था, जिन्हें आसानी से बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा सके। परिवार को बनाया निशाना पुलिस जांच में सामने आया कि सुभाष नगर थाना क्षेत्र निवासी बृजपाल और उसके परिवार को इस गिरोह ने अपने जाल में फंसा लिया। पहले बृजपाल का ब्रेनवॉश कर उसकी शादी एक मुस्लिम युवती से कराई गई। इसके बाद उसकी बहन को भी जाल में फंसाकर एक मुस्लिम युवक से निकाह करा दिया गया। बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य लगातार संपर्क में रहकर परिवार को समझाते-बुझाते थे और धीरे-धीरे उनके विचार बदल दिए गए।
पूछताछ में बड़े खुलासे की संभावना
एसपी साउथ ने बताया कि फिलहाल गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन जांच में कई और नाम सामने आ सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने परिवार इस गिरोह के निशाने पर आ चुके हैं। शुरुआती जांच में यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह के सदस्य बाहरी राज्यों में भी सक्रिय हैं और वहां भी लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रभावित करते हैं।
धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामले पर पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी हाल में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसएसपी ने कहा कि जो भी लोग इस गिरोह में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े अन्य नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद बरेली में सनसनी फैल गई है। लोगों का कहना है कि इस तरह के गिरोह समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करते हैं और इन पर कड़ी कार्रवाई होनी जरूरी है।
बताया कि मदरसा में दबिश देने गई पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार मय हमराही ,उप निरीक्षक अंकित कुमार तोमर, उप निरीक्षक ऋषि मित्र, उप निरीक्षक चैनूराम राणा, हेड कांस्टेबल संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल कौशल , व कांस्टेबल चालक सोनू व निर्भय कुमार , मोहित तोमर, रोहित कश्यप , महिला कांस्टेबल अंजली, अंजना रानी मय सरकारी वाहन प्रथम मोबाइल व द्वितीय मोबाइल व प्राइवेट वाहनों के थाना हाजा से मय मुकदमा वादिनी व वादिनी के भाई डॉक्टर नगेश को साथ लेकर वास्ते करने बरामदगी हेतु थाना भुता से रवाना होकर ग्राम फैजनगर आये तो वादिनी मुकदमा की निशांदेही से पर फैजनगर मदरसे पर पहुंचे तो देखा कि चार व्यक्ति सिर पर मुस्लिम टोपी लगाये एक व्यक्ति को चारो ओर से घेरकर बैठे हुये है। हम पुलिसवालो ने बैठे व्यक्तियो में से प्रभात कहकर पुकारा तो सामने एक व्यक्ति अपने दाहिने हाथ में बैग लिये हुए ने कहा कि मेरा नाम हामिद है हमने कहा कि अपना सही नाम बताइये तो बताया कि मै प्रभात उपाध्याय और मै अलीगढ का रहने वाला हूँ मेरा पूरा नाम प्रभात उपाध्याय पुत्र स्वर्गीय अरविन्द कुमार उपाध्याय निवासी इन्द्रपुरी क्वार्सी थाना महुआ खेड़ा, अलीगढ बताया है। इसको बंधक बना कर रखा था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।