पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में दिव्यांग बच्चों ने आतंकवाद का फूंका पुतला
बरेली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस भीषण हमले में लगभग दो दर्जन से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आतंकियों ने इस हमले को अंजाम देने के दौरान निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया, जिससे पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ गई है। हमले की खबर फैलते ही देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने इस नृशंस घटना की कड़ी निंदा की है। बरेली में वातसल्य सेवा संस्थान, रेज़ीडेंसी गार्डन में दिव्यांग बच्चों ने विरोध प्रदर्शन कर आतंकवाद का पुतला दहन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। दिव्यांग बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है की आतंकवादी हमले का मुहतोड़ कार्यवाही करें । इसे इस्लामिक आतंकवाद की भयावह तस्वीर करार दिया है उनका कहना था कि हमले के दौरान आतंकियों ने धर्म पूछकर, कपड़े उतरवाकर लोगों की पहचान की और फिर हत्या की जो कि एक गहरी साजिश और मजहबी नफरत का संकेत है। ऐसी कायराना हरकत का जवाब ऐसा हो कि इनकी सात पुश्तें भी याद रखे।
संस्थान की चेयरमैन चेतना सक्सेना ने कहा कि पहलगाम में हुआ हमला देश पर हमला है ,इसका उत्तर भी ऐसा होना चाहिए जो दुनिया में नजीर बन जाए । बिना किसी किन्तु -परन्तु के दुष्ट दलन हो, चाहे वे इस पार वाले हों या उस पार वाले, हमारे उत्तर की गूँज विश्व भर में जानी चाहिए, इस से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं होगा राष्ट्र को । आतंकवादियों का कोई धर्म या पंथ नहीं होता। इस मौके पर चेयरमैन चेतना सक्सेना, सचिव साहिल सक्सेना, हिमांशु ,प्रतीक, आशुतोष,राधिका,सोनम,अयान,सुधन, तनसुका, हंस,यश,पीहू, शिव,गौरव, वंश, उदित, भावना सक्सेना, निधि सक्सेना, प्रीति सक्सेना, सरिता तलवार, डॉक्टर गिरीश दत्त शर्मा, डॉक्टर इंद्रेश गुप्ता, डॉक्टर संदीप, डॉक्टर शीबा आदि मौजूद रहे।













































































