मणिपुर। सरकार ने राज्य के सभी जिलों में हथियार लाइसेंस रखने वालों और हथियार डीलरों के कागज़ों की जांच करने का निर्देश दिया है। यह जानकारी शनिवार को एक अधिकारी ने दी। गृह विभाग के आयुक्त ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (उपायुक्तों) से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में हथियार लाइसेंसधारकों और डीलरों के दस्तावेजों की जांच करें। अधिकारी ने बताया कि इस आदेश का पालन नहीं करने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति को सजा भी हो सकती है। कांगपोकपी जिले के लिए विशेष निर्देश जारी इसी बीच, मणिपुर पुलिस ने कांगपोकपी जिले के लिए अलग आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इस जिले के सभी हथियार लाइसेंसधारक और डीलर 25 अप्रैल तक अपने हथियार लाइसेंस की खुद से सत्यापित प्रति और एक निर्धारित फॉर्म भरकर अपने नजदीकी पुलिस थाने में जमा करें। गांवों में जानकारी देना जरूरी स्थानीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने गांवों में लाइसेंसधारकों को इस प्रक्रिया की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि सभी लोग समय पर दस्तावेज जमा करें। सरकार की सख्ती का क्या है कारण? हाल के दिनों में मणिपुर में हिंसा और हथियारों के दुरुपयोग की घटनाओं के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार का मकसद है कि सभी हथियार कानूनी रूप से लाइसेंस प्राप्त हों और कोई भी अवैध हथियार का उपयोग न कर सके।