छात्राओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी
बदायूँ।उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुक्रम एवं जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के निर्देशानुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आज विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन गिदों देवी, महिला महाविद्यालय, जनपद बदायूं में आयोजित किया गया।उक्त शिविर का शुभारम्भ श्रीमान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं शिव कुमारी की अध्यक्षता में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्त्यापण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यकम के प्रारम्भ में एल०ए०डी०सी०एस०/जि०वि० से०प्रा०, बदायूं, की असिस्टेन्ट, सुश्री कशिश सक्सेना, द्वारा अपने वक्तव्य में कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं के विधिक अधिकारों से सम्बन्धित एवं 3 नये कानूनों के वारे में एवं भारतीय संबिधान में वर्णित अनुच्छेद-14 व 15 पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला गया इसके अतिरिक्त धारा-12 के वारे में महिलाओं को घरेलू हिंसा से सम्बन्धित व एस०सी०/एस०टी० एवं किसी भी जाति की महिला एवं बच्चों आदि कैटागिरी जो पात्रता की श्रेणी में आते हैं उनको निःशुल्क अधिवक्ता भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं से दिये जाते हैं साथ ही नालसा स्कीम व महिलाओं के साथ हो रहे विभिन्न प्रकार के अत्याचार से सम्बन्धित भी विस्तार पूर्वक जानकरी प्रदान की गयी। केन्द्र प्रबन्धक वन स्टॉप सेन्टर, बदायूं, प्रतीक्षा मिश्रा, द्वारा अपने वक्तव्य में कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं को जिला महिला चिकित्सालय बदायूं में संचालित वन स्टॉप सेन्टर के कियान्वयन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी।इसी क्रम में तहसीलदार तहसील सदर, जनपद बदायूं, श्री रवेन्द्र प्रताप सिंह, द्वारा अपने वक्तव्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं को जागरूक करते हुए केन्द्र सरकार एवं उ०प्र० राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी। अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन), न्यायालय संख्या-2, बदायूँ, सुश्री सदफ इमरान द्वारा अपने वक्तव्य में कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं को जागरूक करते हुए इन्टरनेट का सही उपयोग करना चाहिए, इसके अतिरिक्त गुड टच, बैड टच के वारे में भी बालिकाओं को जागरूक किया। एवं राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न प्रकार की स्कीमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गयी। उक्त शिविर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं, श्रीमती शिव कुमारी द्वारा अपने वक्तव्य में बताया कि छात्राओं को शिक्षित होना चाहिये व अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिये। इसके अतिरिक्त लड़कियां एक घर को ही नहीं अपितु दो-दो घरों को रोशन करती है तथा उन्हें अच्छी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिये साथ ही लड़कों को भी अच्छी सोच और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों आदि तथा निःशुल्क विधिक सहायता हेतु विधिक जानकारी दी गयी इसके अतिरिक्त उनके द्वारा स्त्री-पुरुष सामानता सम्बन्धित प्रावधानों एवं महिलाओं की& सुरक्षा एवं कल्याण सम्बन्धित विधिक प्रावधानों को विस्तृत रूप में बताया गया। एवं दिनांक 10. 05.2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलह समझौते के आधार पर अपने वादों का निस्तारण करा सकते हैं। इसके उपरान्त शिविर के अध्यक्ष की अनुमति से उक्त शिविर का समापन किया गया !













































































