शोभायात्रा निकाल सिख समाज ने किया चार साहिबजादों को नमन

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गोरखपुर। गुरु गोबिंद सिंह के चारो साहिबजादों व माता गुजर (गुजरी) कौर की शहादत दिवस को नमन करने के लिए रविवार को सिख समाज ने शोभायात्रा निकाली। बड़ी संख्या श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। जयघोष से वातावरण गूंज रहा था। 

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शोभायात्रा गुरुद्वारा जटाशंकर से शुरू हुई जो आर्यनगर, बक्शीपुर, नखास, रेतीचौक, घोष कंपनी, टाउनहाल, गोलघर, यातायात तिराहा व धर्मशाला होते हुए पुन: गुरुद्वारा में पहुंचकर समाप्त हुई। इसके बाद चारो साहिबजादों की शहादत को केंद्र में रखकर बच्चों के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके बाद गुरुवाणी कीर्तन होगा। दोपहर 12 बजे से लंगर शुरू होगा। 

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शहीद हो गया था गुरु गोबिंद का पूरा परिवार 

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सिख धर्म के 10वें गुरु गोबिंद सिंह का पूरा परिवार शहीद हो गया था। 21 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह अपने चारो साहिबजादों व माता गुजर कौर को लेकर आनंदपुर किले से निकल गए थे। 22 दिसंबर को दोनों बड़े साहिबजादे अजीत सिंह और जुझार सिंह चमकौर पहुंच गए। इसी बीच माता गुजर कौर और दोनों छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह व फतेह सिंह गुरु गोबिंद सिंह से बिछड़ गए। उन्हें  मुगल सेना ने कैद कर लिया और भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे रखा। 23 दिसंबर को चमकौर के युद्ध में दोनों बड़े साहिबजादे शहीद हो गए। 24 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह चमकौर के युद्ध में जाना चाहते थे, लेकिन सिखों के अनुरोध पर वह दूसरी जगल चले गए। 25 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह की बहन समान बीबी हरशरन कौर को चमकौर में मुगलों ने आग के हवाले कर दिया। 26-27 दिसंबर को माता गुजर कौर और दोनों छोटे साहिबजादों को मतांतरण के लिए डराया-धमकाया गया। 28 दिसंबर को वजीर ने दोनों साहिबजादों को दीवार में चिनवा दिया। यह देख माता गुजर कौर ने भी अपना शरीर त्याग दिया।

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