नई दिल्ली। बीन के आकार के अंग, किडनी की जिम्मेदारी में खून से बेकार पदार्थों और अतिरिक्त द्रव्यों को बाहर निकालना शामिल है। जिससे शरीर का अंदरूनी संतुलन सही बना रहता है। किडनी का हेल्दी रहना शरीर के कई सारे फंक्शन्स के लिए बेहद जरूरी है। इलाज की पारंपरिक विधि आयुर्वेद में हाइड्रेशन का बहुत महत्व है, जिसके अंतर्गत पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। जिससे किडनी स्वस्थ बनी रहती हैं। पानी की कमी से किडनी की बीमारियों सहित कई और दूसरे तरह की समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। किडनी की सेहत के लिए हाइड्रेशन क्यों जरूरी है, इसके कुछ प्रमुख कारण यहां बताए जा रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी को खून से जहरीले तत्वों और बेकार पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। पानी की पर्याप्त मात्रा से किडनी सही काम करती रहती हैं, जिससे शरीर में हानिकारक तत्व इकट्ठा नहीं हो पाते। पानी की कमी से किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि कंसंट्रेटेड यूरिन से क्रिस्टल बन सकते हैं। पानी की पर्याप्त मात्रा यूरिन को पतला करती है, जिससे स्टोन बनने का खतरा कम हो जाता है।पर्याप्त मात्रा में पानी पीने का मतलब शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना है। इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों और नसों के काम करने के लिए जरूरी होते हैं। इनके स्तर को बनाए रखने में किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनियां ब्लडप्रेशर के नियंत्रण में मदद करती हैं, जबकि पानी की लगातार कमी से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर दबाव पड़ता है। इससे की समस्या होती है, जिसका हार्ट के साथ ही किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है।