बदायूँ में 08 माह से मानदेय नही मिलने पर टूटा सब्र, ब्लॉक परिसर में एपीओ ने फांसी लगाकर की आत्महत्या की कोशिश
बदायूं। बदायूं के बिसौली ब्लॉक परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एपीओ (अपर कार्यक्रम अधिकारी) त्रिवेणी शाक्य ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। बताया जा रहा है कि पिछले करीब आठ माह से मानदेय न मिलने और लगातार बढ़ती आर्थिक परेशानियों से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और साथियों की तत्परता के चलते उनकी जान बच गई। घटना के बाद ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों में गहरा आक्रोश देखा गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार को ब्लॉक परिसर में सामान्य कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक जानकारी मिली कि एपीओ त्रिवेणी शाक्य ने परिसर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। सूचना मिलते ही कर्मचारी मौके की ओर दौड़े। कर्मचारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। समय रहते बचाव होने के कारण उनकी जान बच गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
बताया जाता है कि त्रिवेणी शाक्य पिछले कई महीनों से मानदेय न मिलने की समस्या से जूझ रहे थे। उनके परिजनों और सहकर्मियों का कहना है कि लगातार आठ महीने से भुगतान न होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दैनिक जरूरतों और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी मानसिक और आर्थिक दबाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।घटना के बाद ब्लॉक परिसर में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल बना रहा। कई कर्मचारियों ने भी मानदेय भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि समय पर भुगतान न होने से कर्मचारियों को मानसिक तनाव और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि शासन और प्रशासन को इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान निकालना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।वहीं मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है कि मानदेय भुगतान में किसी प्रकार की जानबूझकर लापरवाही नहीं बरती गई है। अधिकारियों के अनुसार भुगतान संबंधी प्रक्रिया लखनऊ स्तर पर लंबित है, जिसके कारण मानदेय जारी नहीं हो सका। संबंधित औपचारिकताएं पूरी होते ही लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उच्च स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं और विभागों में कार्यरत संविदा एवं मानदेय आधारित कर्मचारियों की समस्याओं को उजागर कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन और मानदेय न मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है, जिसका सीधा असर उनके पारिवारिक और मानसिक जीवन पर पड़ता है।
फिलहाल त्रिवेणी शाक्य की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद विभागीय अधिकारियों ने उनसे बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है और कर्मचारियों के लंबित मानदेय के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।















































































