जम्मू में बाबा बर्फानी के रुकी यात्रा के बाद सावन के प्रथम सोमवार को भक्तो को मिले दर्शन

WhatsApp-Image-2023-07-10-at-7.25.00-PM
WhatsAppImage2024-05-04at205835
previous arrow
next arrow

बरेली। जम्मू में बालटाल स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ की भक्तो में ऐसी होड़ है कि 1 जुलाई 2023 से यात्रा प्रारंभ होने के बाद प्रथम 10 दिन में ही लगभग 1 लाख से अधिक भोले के भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके थे। तीन दिन भारी वर्षा के बाद रुकी हुई यात्रा में जब पहलगाम की ओर से सावन के प्रथम सोमवार को रास्ते में रुके भोले भक्त आगे बढ़े और अपने बर्फानी बाबा के दर्शन पाकर अपने को सौभाग्यशाली माना। वर्षा एवम बर्फबारी के चलते यात्रा में कुछ समय विघ्न भी रहा तीन दिन यात्रा रुकी भी रही। यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे भी बरेली के कुछ पत्रकार/ फोटो जर्नलिस्ट साथियों के साथ 2 जुलाई 2023 रविवार को 3880 मीटर की ऊंचाई पर बनी गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ मिल सके। बरेली में बर्फानी यात्रा से वापस आए भोले भक्तो का मानव सेवा क्लब, कायस्थ चेतना मंच, उपजा एवम फोटो जर्नलिस्ट सोसाइटी ने उपजा प्रेस क्लब में स्वागत किया। सावन माह में 1 जुलाई 2023 से 31 अगस्त 2023 तक चलने वाली 62 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में अगर इसी तरह से भोले के भक्त दर्शन को उमड़े तो तीर्थ यात्रियों के पुराने 3.60 लाख वाले सभी रिकार्ड टूटने की इस बार संभावना है। सूत्रों के अनुसार सावन के प्रथम सोमवार तक 1 लाख से अधिक भोले भक्त बाबा बर्फानी के समक्ष माथा टेक चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार छठे जत्थे में बुधवार को 6107 तीर्थ यात्री कड़ी सुरक्षा में 244 वाहनों में पहलगाम के नुनवन और बालटाल के भगवती निवास स्थित आधार शिविरों से अपने आराध्य के दर्शन को निकल चुके थे। उसी शाम तक ये सभी तीर्थ यात्री बालटाल, पहलगाम और नुनवन आधार शिविरों में पहुंच चुके थे। वर्षा के कारण तीन दिन शनिवार तक यात्रा प्रभावित भी रही। रेल पथरी पर भूस्खलन भी हुआ। जो साफ होना बताया गया। तीर्थ यात्रा के दौरान जम्मू से आतंकी हमलों से बचाव को 70 हजार से अधिक सेना एवम अर्ध सैनिक इस बार तैनात किए गए हैं। ताकि परिंदा भी पर नही मार सके। जम्मू कश्मीर पुलिस भी व्यवस्था को लगाई है। यात्रा के लिए पहलगाम से सुबह 10 बजे तक चलकर घाटी की ओर नवयुग सुरंग को पार करने के लिए अंतिम वाहन का समय शाम 4 बजे, जबकि अनंतनाग की ओर से आने वाले 400 किलोमीटर के सफर को भोर में 4 बजे चलकर मीर बाजार को पार करने के लिए अंतिम वाहन का समय शाम चार बजे तय किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों से अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए तीर्थ यात्रियों का जम्मू पहुंचने का सिलसिला सावन में भी जारी है। जम्मू के भगवती नगर एवम रेलवे स्टेशन के बाहर बने कैंप में भोले भक्तों को पत्रक की जांच के बाद उन्हें आगे की यात्रा औपचारिकताएं पूरी करने को अमरनाथ श्राइन बोर्ड के कर्मी उन्हें टोकन दे रहे थे।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow

यही कारण है की केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का जमीन से आसमान तक का फूल प्रूफ घेरा तैयार करवा दिया है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा की देखरेख में जम्मू में बना कंट्रोल कमांड सेंटर भी अमरनाथ तीर्थ यात्रा पर केमरो से नजर रख रहा है। जारी टोकन से हर भक्त की ट्रैकिंग अब आसान है । जगह जगह लगे होर्डिंग बैनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवम राज्यपाल मनोज सिन्हा के फोटो के साथ ही “सनातन के साथ ही पुरातन भी” का वाक्य का उल्लेख किया गया है। इस बार 1 जुलाई से शुरू हुई 62 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में इस प्रथम 10 दिन में सावन के प्रथम सोमवार तक एक लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं। 5 दिनों में ही यात्रा अवरोध से पूर्व 85 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके थे। बताया गया कि लगभग 14 हजार यात्री प्रतिदिन अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन लाभ पा रहे हैं। श्राइन बोर्ड के अनुसार इस बार बालटाल से दोमेल तक बैटरी चालित रिक्शा भी चलाए गए हैं। यही नहीं वर्ग विशेष के घोड़े वाले, पालकी वाले और पिट्ठू अमरनाथ यात्रियों को मनमाने रेट मांग कर परेशान नहीं करें। इसके लिए घोड़े वालों, पालकी वालो के लिए उनके बने कार्ड पर पूर्व बुकिंग अनिवार्य की गई है। वालटाल से गुफा के पास तक एवम उसी मार्ग से वापसी 4450 रुपए में आप घोड़े से कर सकते हैं। इसी तरह पालकी के रेट भी तय हैं। पर अभी भी घोड़े वालो का चक्रव्यूह भेदना आसान नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्हें स्थानीय पुलिस का भी पूरा संरक्षण मिलने से पर्ची कटने के बाद भी वह यात्रियों को पवित्र गुफा से दूर ही छोड़ रहे हैं। और वहां पूर्व से खड़े पालकी = घोड़े वाले और अधिक पैसे की मांग करते हैं। बालटाल में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ की इस वर्ष की 62 दिवसीय यात्रा 1 जुलाई 2023 को अपने दोनों आधार शिविरों मध्य कश्मीर के गांदरबल में बालटाल मार्ग एवम दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में नुनवान – पहलगाम मार्ग से शुरू हुई है । यह पवित्र अमरनाथ यात्रा 31 अगस्त 2023 को रक्षा बंधन पर समाप्त होगी। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ की बाबा बर्फानी दर्शन यात्रा को लेकर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, इंडो तिब्बत बॉर्डर फोर्स, आदि अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियों में शामिल लगभग 70 हजार जवान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात हैं। सभी अर्धसैनिक कंपनियां भोले के भक्तो की सुरक्षित यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश में पहुंची थी, जिनको यात्रा से पूर्व ही तैनात भी कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर अर्द्धसैनिक जवान यात्रियों की सुरक्षा में रहेंगे। वर्तमान में भारत में नरेंद्र मोदी सरकार एवम जम्मू के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैनिक अधिकारियो के साथ पूर्व में ही बैठक कर ऐसा सुरक्षा तंत्र विकसित किया है। कि जगह जगह पर अब सैनिकों की तैनाती से सीमापर की आतंकी साजिशें सिर उठाने की हिम्मत भी नहीं कर पाएंगी। अमरनाथ की पवित्र गुफा, जो 3880 मीटर की ऊंचाई पर है, में प्रकट होते हैं। लाखों भक्त हर साल जून जुलाई के सावन माह में दक्षिण कश्मीर में स्थित अमरनाथ तीर्थ के लिए जटिल पहाड़ों के माध्यम से भोलेनाथ के दर्शन करने इस पवित्र गुफा तक आते हैं। यहां भक्तो की देखभाल का प्रबंधन अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एस ए एस बी) द्वारा किया जाता है।
यू पी जर्नलिस्ट एसोसियेशन (उपजा) बरेली के उपजा प्रेस क्लब, बरेली से जुड़े कुछ पत्रकारों एवम फोटो जर्नलिस्ट ने इस बार भी अमर नाथ में 2 जुलाई 2023 को बाबा बर्फानी के दर्शन किए। जिसमे निर्भय सक्सेना, अशोक शर्मा, शुभम ठाकुर, अशोक शर्मा लोटा, उमेश शर्मा, पुत्तन सक्सेना, विवेक मिश्रा थे। इसके अलावा सक्षम शर्मा, सुरेंद्र मिश्रा रामू भी साथ गए थे। 27 जून 2023 को बरेली रोडवेज पर उपजा प्रेस क्लब, बरेली अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना, महामंत्री, धर्मेंद्र सिंह बंटी, वीरेंद्र अटल, शमी खान, विजय सिंह, राजेश सक्सेना, सुरेश रोचानी, ललित कुमार, गुरुबचन, महेश पटेल, शंकर लाल, के अलावा मानव सेवा क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा, त हिंदू संघठन के राज शर्मा आदि ने सभी को पटका आदि देकर सम्मानित किया। बरेली का यह दल 28 जून 2023 को जम्मू रेल स्टेशन पर पहुंचा। रेलवे स्टेशन के बाहर बने शिविर में अमरनाथ यात्रा के लिए कागजी खानापूर्ति कर अपने कार्ड बनवाए। रात्रि में जम्मू के एक होटल में विश्राम किया। 29 जून 2023 की सुबह शिव खोड़ी जाकर भोले के दर्शन लाभ पाए। वहां से माता वैष्णो के मंदिर में मत्था टेका। अगले दिन 1 जुलाई 2023 को भोर में 4 बजे भगवती यात्री निवास सरकारी कोनवॉय में बालटाल की मिनी बस से यात्रा शुरू की। शाम लगभग 4 बजे सामान चेकिंग के बाद सभी साथी दोगाम में बदायूं के कैम्प में पहुंच गए। 2 जुलाई 2023 को सुबह 5 बजे बालटाल के बेस कैंप में चेकिंग के बाद से अमरनाथ से 16.5 किलोमीटर की जटिल यात्रा साथियों ने शुरू की पर मेने घोड़े से ही लोटाफेरी की यात्रा की। आयु 67 वर्ष होने पर मेरी सांस फूलने लगी। पवित्र गुफा के पास लगे मेडिकल कैंप में ऑक्सीजन चेक कराई। ग्लूकोज का पानी पिया। 2 जुलाई 2023 को पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी दर्शन कर लिए और लोट कर दोमेल में बदायूं के संजय पाराशरी के भंडारे वाले टेंट में आ गए। पूरे रास्ते में भोले के भक्तो के लिए लंगर की भरमार रही। अगले दिन 3 जुलाई 2023 को बालटाल कैम्प से काफिले के साथ जम्मू शाम को पहुंच गए। 4जुलाई को जम्मू के प्रमुख रघुनाथ मंदिर, काली माता मंदिर, जम्बंत गुफा के दर्शन किए। अगले दिन जम्मू रेलवे स्टेशन से 5 जुलाई 2023 को सुबह 7 बजे ट्रेन में बैठकर देर रात्रि बरेली आ गए । अमरनाथ यात्रा को भारी बारिश और खराब मौसम के चलते तीन दिन को रोका भी गया था। आज सावन के प्रथम सोमवार को भोले भक्त पवित्र गुफा में दर्शन लाभ कर सके । निर्भय सक्सेना

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights