ए0पी0एस0 इंटरनेशनल स्कूल में ’लाइफ स्किल्स एंड क्लासरूम मैंनेटमेंट’ पर कार्यशाला हुई

उझानी। ए0पी0एस इंटरनेशनल स्कूल उझानी में ’लाइफ स्किल्स एंव क्लासरूप मैंनेजमेन्ट’ पर कार्यषाला का आयोजन ’न्यू सरस्वती हाउस (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया गया। इस कार्यशााला की रिसोर्स पर्सन डॉ0 रितु नांरग थी। आप अनुभवी शिक्षक प्रशिक्षक तथा व्यापक रूप से शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षण तथा शोध से क्षेत्र से संबंधित है। आपको आपके सर्वश्रेष्ठ आर्टिकल के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। आप कई अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड सेमी संबंधित रही है। आप सी0वी0एस0ई में शोध अधिकारी के रूप में शिक्षा में नवाचार पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर चुकी है। वर्तमान में आप शिक्षण अधिगम में नवाचार के संदर्भ में प्रधानाचार्य, शिक्षक विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को प्रशिक्षण से संबंधित है। आपकों एस0सी0ई0आर0टी0 तथा जामिया मिलिया इस्लामिया द्वारा विभिन्न टीचर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने तथा ट्रेनर व रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य करने के लिए सार्टिफइड मास्टर ट्रेनर तथा रिसोर्स पर्सन का प्रमाण पत्र मिला है। आज की कार्यषाला में आपने जीवन कौशल तथा उसके विभिन्न रूपों से परिचित कराया। शिक्षक तथा विद्यार्थियों के संदर्भ में उनके लाभ तथा कक्षा-कक्ष शिक्षा में उनके अनुप्रयोग के बारे में बताया। आप वीडियों तथा हरित पट का प्रयोग करते हुए प्रशिक्षण को रोचक बनाया। इसके पश्चात् लंच ब्रेक के लिए शिक्षकों ने प्रस्थान किया, जो सरस्वती पब्लिकेषन के द्वारा दिया। ब्रेक के उपरांत एक गतिविधि का आयोजन ग्रुप वाइज कराया गया। इसमें छह ग्रुप बनाए गए।

प्रत्येक ग्रुप के शिक्षक सदस्यों ने अपने ग्रुप के साथ प्रदत्त गतिविधि के माध्यम से स्वयं को प्रस्तुत किया। इसमें ग्रुप ’ए’ ने सर्वोच्य स्कोर बनाया। आपने नवाचार शिक्षण के अनेक सूत्र बताए जिससे अधिगम को सरल बनाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य रविन्द्र भट्ट ने डॉ0 रितु नारंग को प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के लिए धन्यवाद दिया। आपने कहा कि तकनीकों का अनुप्रयोग अपनी कक्षा-कक्ष शिक्षण में करें। उन्होने कहा कि क्लास मैनेंजमेंट शिक्षक ही कर सकता हैं बच्चों का भविष्य शिक्षक ही बना सकते है।

विद्यालय की उपप्रधानाचार्या मीनाक्षी शर्मा ने डॉ0 रितु को धन्यवाद देते हुए आज की कार्यषाला की प्रशंसा की। आपने बताया कि हमें डॉ0 रितु के व्यक्तित्व को प्ररेणापद व लाभदायी बताया। आज की इस कार्यशााला में शिक्षकों को शिक्षण व अधिगम से संबंधित नई-नई तकनीकें सीखने को मिली। साथ-ही-साथ शिक्षकों ने रूचिपूर्वक हर बात को समझने का प्रयास किया। आज की कार्यषाला निःसंदेह शिक्षकों के लिए लाभदायी रही। आज आयोजित होने वाली गतिविधियों को शिक्षकों ने भरपूर आनंद उठाकर ज्ञान प्राप्त किया।