कथा व्यास मनीष कौशिक ने कहा कि मन ही बंधन और मोक्ष का कारण,भंडारा आज
बदायूँ। आदर्श नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस प्रातः बेला में महालक्ष्मी यज्ञ आचार्य श्री सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वालो) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। जिसमें मुख्य यजमान के रूप में राजू गुप्ता एवं कमलेश गुप्ता सपत्नीक शामिल हुए। वृंदावन धाम से पधारे कथा प्रवक्ता भागवत भूषण आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है यदि यह विषयों में आसक्त हो जाए तो बंधन का कारण बनता है और यदि परमात्मा के चरणों में आसक्त हो जाए तो मोक्ष का कारण बनता है। सुदामा चरित्र के माध्यम से बताया कि जीवन में कितनी भी विपत्ति आ जाए मनुष्य को कभी भगवान का भजन नहीं छोड़ना चाहिए। सुदामा जैसी विपन्नता किसी पर नहीं आई होगी पर उन्होंने प्रभु का भजन नहीं छोड़ा और परिणाम हुआ कि उन्हें भगवान की प्राप्ति हुई। कथा व्यास आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि परीक्षित साक्षी है कि भागवत कथा सुनने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि भागवत महापुराण वैष्णव का परम धर्म है। भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी इसमें बहती है। जो उसमें गोता लगाते हैं उनका कल्याण हो जाता है।

कथा का समापन मिलन आज तक था तुम्हारा हमारा – रही जिंदगी तो मिलेंगे दोबारा भजन के साथ भागवत कथा समिति के समस्त सदस्य एवं श्रवण करने आने वाले समस्त धर्म प्रेमियों के प्रभु के प्रति समर्पण भाव एव सुंदर आयोजन हेतू आभार व्यक्त करके की गई। भजन का श्रवण कर श्रद्धालु भी भावुक हो उठे। कथा व्यास आचार्य मनीष कौशिक ने कथा के कुशल संयोजक गोपाल शर्मा को पुण्य कार्य के आयोजन का माध्यम बनने के लिए आशीर्वाद दिया गया।
गोपाल शर्मा ने बताया कि कथा समापन के पश्चात भागवत कथा समिति की ओर से रविवार 5 मार्च को विशाल भंडारा का आयोजन किया जिसमें सभी को प्रसाद ग्रहण करने का आहवान किया गया। इस मौके पर यज्ञ आचार्य सुरेंद्र कुमार भारद्वाज (नरवर वाले), आचार्य ब्रह्मदेव वशिष्ठ, गोपाल शर्मा, आशीष, शशांक गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, पवन सक्सेना, रविंद्र उपाध्याय, समेत तमाम धर्म प्रेमी मौजूद रहे।













































































