बदायूं के सीएमओ पर सूचना आयोग ने ठोका 25000 रुपए का जुर्माना

WhatsApp-Image-2022-11-17-at-5.36.45-PM
WhatsAppImage2026-02-15at42216PM1
previous arrow
next arrow

बदायूं। भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहसवान तहसील समन्वयक आर्येंद्र पाल सिंह ने सूचना के अधिकार का प्रयोग करते हुए 02- 11- 2019 को सूचना प्राप्ति हेतु आवेदन किया। विहित अवधि में सुचनाएं उपलब्ध न कराने पर प्रथम अपील की गई। फिर भी सूचनाएं नही मिली। विवश होकर उत्तर प्रदेश सूचना आयोग लखनऊ में 24- 02- 2020 को द्वितीय अपील संख्या- एस 2-423/ए/2020 प्रस्तुत की गई। अपील में सुनवाई हेतु नियत तिथियों 28- 10- 2020, 16- 12- 2020,27- 04- 2020,03- 08- 2022 व 09- 11- 2022 पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं व उनके जन सूचना अधिकारी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए साथ ही आयोग द्वारा 03- 08- 2022 को पारित आदेश का पालन करते हुए आयोग को 02- 11- 2022 के बाद के सभी जन सूचना अधिकारियो का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही अपीलार्थी को सुचनाएं ही उपलब्ध कराई।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-12-28at122820
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at122213
previous arrow
next arrow

मुख्य सूचना अधिकारी बदायूं की हठधर्मिता के कारण राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी द्वारा आदेश का पालन न करने, सुचनाएं उपलब्ध न कराने के कारण 09- 11- 2022 को 25000/- रुपए अर्थदंड अधिरोपित किया है साथ ही निर्णय की तिथि को पदस्थ मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं के वेतन से अर्थ दंड की वसूली के आदेश निर्गत किए हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 व उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली 2015 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। इस संबंध में इनके विरूद्ध शासन द्वारा भी जांच के आदेश निर्गत किए गए हैं।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights