सर्वधर्म समभाव की प्रार्थना सभा आयोजित कर मनाई गई गांधी एवम शास्त्री की जयंती
बदायूं। आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ श्रद्धा गुप्ता परिसर में राष्ट्रीय ध्वज को फहरा कर कार्यक्रम का उदघाटन किया। ध्वजारोहण एवम सामूहिक राष्ट्रगान के पश्चात प्राचार्य की अध्यक्षता में सर्वधर्म समभाव की प्रार्थना सभा आयोजित की गई । सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दोनो महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पितकिया।अंग्रेजी की विभागाध्यक्ष डॉ ज्योति बिश्नोई ने पवित्र ग्रंथ गीता के प्रमुख श्लोकों का पाठ करते हुए उसकी व्याख्या की। चीफ़ प्राक्टर डॉ अनिल कुमार ने पवित्र ग्रंथ कुरान की आयतें एवं बुद्धम शरणम गच्छामि का पाठ किया। राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ बबिता यादव ने बाइबिल का पाठ किया। डॉ सारिका शर्मा ने वैष्णव जन तेने कहियो पीर पराई जाने रे का सस्वर गान किया। डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने गांधी और और शास्त्री के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता को उद्घाटित करते हुए स्वच्छता एवं आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में गांधी जी के विचारों की उपादेयता पर प्रकाश डाला।

गांधी और शास्त्री के जीवन दर्शन पर डॉ संजीव राठौर, डॉ सतीश सिंह यादव एवम डॉ हुकुम सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ श्रद्धा गुप्ता ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के विचार मात्र सैद्धांतिक नहीं थे बल्कि उन्होंने उसको व्यवहारिक जीवन में प्रयोग किया था। हम सभी को भारत के उत्थान के लिए इनके विचारों को अपने जीवन शैली में समाहित कर स्वयं को परिवर्तित करते हुए समाज को नई दिशा देनी चाहिए। सभा का संचालन समारोहिका डॉ अंशु सत्यार्थी ने किया।
इस अवसर पर डॉ शशि प्रभा, संजीव शाक्य, प्रमोद कुमार शर्मा, वीर बहादुर, राजीव पाली, प्रिया आर्य, प्रमोद साहू, खुशबू , बंटी आदि उपस्थित रहे।














































































