गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने हेतु करें सार्थक प्रयास
बदायूं। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा केंद्र बदायूं द्वारा संचालित नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत गंगा दूतों का दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन किया गया, जिसमें जिला युवा अधिकारी डॉ दिनेश यादव, कृषि विज्ञान केंद्र उझानी के विशेषज्ञ वैज्ञानिक डॉ सौहार्द कुमार एवं डीपीओ नमामि गंगे परियोजना अनुज प्रताप ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की की मंगलमय शुभकामनाएं प्रदान कर उन्हें सकारात्मक कार्य हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ सौहार्द कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें जीवन के साथ साथ जल को भी बचाने की आवश्यकता है अतः हम इसकी शुरूआत गंगा को प्रदूषण से मुक्त करके कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो पृथ्वी पर लगभग 90 प्रतिशत जल है परन्तु पीने योग्य सिर्फ 2 से 3 प्रतिशत है, अगर हम समय से जल संरक्षित कर लेते हैं तो तो हमारे देश की समृद्धि में निरंतरता आयेगी, अतः आइए हम गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने हेतु सार्थक प्रयास करें।
जिला युवा अधिकारी डॉ दिनेश यादव ने इस प्रशिक्षण की रूपरेखा और उद्देश्य बताते हुए कहा कि भारत सरकार की जल शक्ति मंत्रालय की विशेष परियोजना नमामि गंगे के अन्तर्गत 5 विकास खंडों के 670 युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हे गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने के कार्य में लगाया जा रहा है। ये युवा गंगा को अविरल और निर्मल बनाने हेतु जागरुकता का कार्य करेंगे
इस कार्यक्रम को प्रमुख रूप से अनुज प्रताप सिंह डीपीओ नमामि गंगे, कुंवर देवेंद्र गंगवार प्रमुख प्रशिक्षक, श्याम सिंह, रवेंद्र पाल सिंह, राहुल यादव, ओमपाल, नेहा बी, शहनाज, ऋषभ ठाकुर, संचित सक्सेना, मयंक तोमर, कु लक्ष्मी, कु राखी आदि ने संबोधित किया। तत्पश्चात प्रतिभागियों प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन रवेन्द्र पाल सिंह एवं अतिथियों का आभार अनुज प्रताप सिंह डीपीओ ने व्यक्त किया।














































































