दलित रोगी का इलाज नहीं करने पर सरकारी डॉ ऋषभ अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज के आदेश
बदायूं। विशेष न्यायालय एस सी एस टी एक्ट के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने डॉ ऋषभ अग्रवाल के खिलाफ थाना कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिए है। ऋषभ अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने दलित होने के नाते पीड़ित का इलाज नहीं किया साथ ही पूर्व में इलाज की पत्रावली ढूंढने के नाम पर दो हजार रुपये की मांग कर पीडित व उसके परिजनों के साथ जातिसूचक गालियां देकर अभद्र व्यवहार किया।
थाना दातागंज के ग्राम दियोरी निवासी पप्पू पुत्र जयपाल ने विशेष न्यायालय एससी एसटी कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने को दिए प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया कि मैं अनुसूचित जाति का व्यक्ति है 18 मार्च 2020 की रात 10 बजे अचानक प्रार्थी की तबीयत खराब हो गई थी और उसकी नाक से खून बहने लगा पप्पू अपना इलाज कराने जिला अस्पताल गया वहां मौजूद नर्स ने जनरल वार्ड में उसे बेड पर लिटा दिया लेकिन उसका कोई इलाज शुरू नहीं किया और कहां की डॉ ऋषभ अग्रवाल आ रहे होंगे पप्पू का आरोप है कि डॉ ऋषभ अग्रवाल ने उसे व उसके पिताजी परिजनों को जातिसूचक गालियां देकर अभद्र व्यवहार किया इलाज की फाइल तलाश करने के नाम पर 2 हजार रुपए मांगे इस दौरान पप्पू के साथ कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे थे परिजनों का यह भी आरोप था कि डॉक्टर ने इलाज नहीं किया जिस कारण वह पहले उसे मुकेश जौहरी नर्सिंग होम ले गए वहां से हालत गंभीर होने पर रोहिलखंड मेडिकल ले गए जहां उसका इलाज किया गया। इस मामले को लेकर बाद पप्पू की ओर से उच्च अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिए गए कि डॉक्टर ने जानबूझकर दलित मरीज होने के नाते इलाज नहीं किया साथ ही पूर्व में इलाज की पत्रावली ढूंढने के नाम पर 2 हजार रुपये मांगे ना देने पर उसके व उसके परिजनों के साथ जातिसूचक गालियां देकर अभ्रद ब्यबहार किया उच्च अधिकारी द्वारा मामले में रिपोर्ट दर्ज ना होने के बाद वादी पप्पू ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एससी एसटी कोर्ट में 156 ( 3 )सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया कोर्ट ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए कोतवाली पुलिस को मामले में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिये है।













































































