बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ ग्राम गुधनी में स्थित आर्य समाज मंदिर में माघी पूर्णिमा तथा महान संत गुरु रविदास जी की जयंती मनाई गई । देर शाम आर्य संस्कारशाला गुरुकुल के बच्चों ने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए । कुमारी कौशिकी रानी ने नृत्य गीत प्रस्तुत किया, कुमारी ईशा आर्य ने भजन और कविता सुनाएं, कुमारी मोना कुमारी तानिया कुमारी भावना रानी ने सामूहिक गान प्रस्तुत किया । इस अवसर पर शाला के संचालक सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा “गुरु रविदास एक महान संत थे, उनका कथन था हम सब एक ईश्वर की संतान है अतः सबको प्रेम से मिलकर रहना चाहिए , सब की जाति एक है मनुष्य । किंतु सबके कल्याण के लिए वेद का ही रास्ता सर्वोत्तम है, हमें कभी भी वेदों का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए । श्रीमती प्रज्ञा आर्य ने पूर्णिमा का महत्व बताते हुए कहा ” स्नान केवल तन का न हो, स्नान मन बुद्धि और आत्मा का भी होना चाहिए !! उन्होंने कहा कि पानी से तन शुद्ध होता है लेकिन सत्य के संग से मन शुद्ध होता है, बुद्धि ज्ञान से शुद्ध होती है आत्मा विद्या और तब से शुद्ध होती है इस अवसर पर राकेश आर्य , मास्टर साहब सिंह, बद्री प्रसाद आर्य, पंकज कुमार सिंह ,, प्रश्रयआर्य , विनीत कुमार सिंह, ज्योति रानी आदि मौजूद रहे