बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव चनी में पंचायत घर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठें दिन वृंदावन से पधारी कथावाचक कु.कल्पना शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ तथा अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह धन संपदा क्षणभंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों। उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईषर्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्यादि से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान सूर्य बिना किसी भेदभाव के सृष्टि के सभी प्राणियों को अपना प्रकाश देते हैं। वायु सभी जीवों में प्राणों का संचार करती है। बादल परोपकार के लिए गरजते हुए वर्षा करते है, नदियां किसी से नहीं पूछती कि तुम मेरा जल क्यों पीते हो और वृक्ष भी किसी व्यक्ति से यह नहीं पूछते कि तुम मेरे फल क्यों तोड़ते हो, लेकिन स्वार्थी मानव ईष्यालु होता जा रहा है। कथा के बीच कई आकर्षक झांकी दिखाई गई। इस मौके पर इस मौके पर भीष्मपाल, हरप्रसाद, सौरभ शर्मा, राजीव कुमार, महादेव प्रसाद, तेजपाल, बनवारी लाल, प्रवीन शर्मा, गोविंद शर्मा, किशनलाल, दिनेश कुमार, विपिन शर्मा, बाबूराम, निसार अली, जयप्रकाश, सुम्मेर प्रसाद आदि मौजूद रहे