अंतर्राज्यीय वाहन चोर गैंग का साहिबाबाद थाने की पुलिस टीम ने किया खुलासा
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ व अन्य शीर्ष अधिकारियों की अपराध व अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर अमल करते हुए साहिबाबाद थाना के तेजतर्रार प्रभारी रवेन्द्र गौतम ने अपनी शानदार कार्यशैली की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए थांना साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 09 जून 2026 को वादी आदित्य मिहिर निवासी सेक्टर-5, राजेंद्र नगर, गाज़ियाबाद, के चोरी गये वाहन को अगले दिन 10 जून को ही बरामद कर लिया। 09 जून 2026 को वादी आदित्य मिहिर के द्वारा थाने पर एक लिखित तहरीर दी गयी थी, तहरीर के अनुसार 09 जून 2026 की रात्रि 03.00 बजे अज्ञात चोरों ने घर के सामने पार्क की गई उनकी सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार चुरा ली। चोरी की इस घटना को अंजाम देने से पहले, चोरों द्वारा घर के सामने लगे हुए दो सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया गया और उस अवसर का फायदा उठाकर कार चोरी करके ले गये। हमें सुबह 08:15 बजे कार के चोरी होने का पता चला। वादी आदित्य मिहिर की सूचना पर थाना साहिबाबाद द्वारा तत्काल उचित धाराओं मे अभियोग पंजीकृत किया गया। तथा घटना के सफल अनवारण व बरामदगी करने हेतु थाना साहिबाबाद द्वारा एक टीम का गठन किया गया। जिस पर थाना साहिबाबाद टीम द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए मात्र 24 घण्टे में ही चोरी की हुई कार टोयोटा फार्च्यूनर गाड़ी व 02 अभियुक्त शहबाज मिर्जा पुत्र जावेद मिर्जा निवासी बागपत गेट मकसूद अली का चौक थाना दिल्ली गेट जनपद मेरठ उम्र 30 वर्ष व शाहवेज उर्फ शावेज पुत्र जावेद मिर्जा निवासी बागपत गेट, मकसूद अली का चौक थाना दिल्ली गेट जनपद मेरठ उम्र 32 वर्ष को 10 जून 2026 को रोटरी गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया, अभियुक्तों के पास से टोयोटा फार्च्यूनर गाड़ी व फर्जी नम्बर प्लेट रजि0न0 MH-11-DL-3223 बरामद की गई, गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।तेजतर्रार एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि अभियुक्त शहबाज मिर्जा व शाहवेज उर्फ शावेज दोनों सगे भाई हैं इन्होंने पूछने पर बताया कि हमारे गैंग का लीडर हमारा साथी नदीम है। नदीम के पास ही अलग-अलग राज्यों से अलग-अलग गाड़ियों की मांग आती है। जैसे ही उसके पास जिस भी गाड़ी की मांग आती है, तो हम तीनों लोग मिलकर उसी गाड़ी को दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव में जंहा से भी मौका मिलता है, वही से गाड़ी चुरा लाते है, उसके बाद उस गाड़ी का इंजन नंबर, चेचिस नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर आदि बदलकर व गाड़ी की डेन्टिग व पेंटिग कराकर के उसे बेच देते है। गाड़ी किस राज्य में जाएगी और किसी आदमी को देनी है, इसकी सारी जानकारी नदीम के पास ही होती है, जब हम दोनों लोग गाड़ी को यहां से लेकर निकल जाते है, तब नदीम ही हमें बताता है कि गाड़ी को किस राज्य मे लेकर जाना है। अधिकतर हम लोग गाड़ियां महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर पूर्वी राज्यों में बेचते हैं और गाड़ी को बेचकर जो भी पैसा मिलता है उस पैसे को हम तीनों लोग आपस में बराबर बांट लेते हैं।एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने अभियुक्तों के अपराध कारित करने का तरीके के वारे में बताया कि अभियुक्त दिल्ली व एनसीआर मे सुनसान व अंधेरे वाले स्थानों पर खड़ी गाडियो को पहले चिन्हित कर लेते है, उसके बाद रात्रि मे आकर के उक्त गाड़ी का इलेक्ट्रानिक उपकरण की मदद से लॉक तोड़ देते है तथा नई चाबी तैयार कर गाड़ी को चुरा लेते है।थाना प्रभारी रवेन्द्र गौतम ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना साहिबाबाद में 01 अभियोग चोरी का पंजीकृत है और अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी अभी की जा रही है। इन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम थाना साहिबाबाद पुलिस की टीम रही।वहीं अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर को सही सलामत सुरक्षित बरामद करने के लिए वाहन के स्वामी ने थाना प्रभारी रवेन्द्र गौतम व उनकी टीम का बुके देकर के आभार व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल बेहद तत्परता से खुलासा करने के लिए बधाई दी।















































































