मिशन शक्ति के तहत बालिका सुरक्षा हेतु कानून,पॉक्सो एक्ट”विषय पर एक सेमिनार प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
बदायूं।उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं की “राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई” के तत्वावधान में मिशन शक्ति प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी असि० प्रो० सरला देवी चक्रवर्ती के संयोजन एवं निर्देशन में डॉ इति अधिकारी के सहसंयोजन में मिशन शक्ति अभियान” तृतीय चरण के तहत आयोजित किये जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज बालिका सुरक्षा हेतु कानून, पॉक्सो एक्ट” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। साथ ही “स्वरचित पाठ “मैं और मेरी कल्पना” विषयक प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वयंसेविकाओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता का शुभारंभ डॉ ममता वर्मा चीफ़ प्रॉक्टर की अध्यक्षता में माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मिशन शक्ति फेज़-3 कार्यक्रम संयोजिका सरला देवी चक्रवर्ती ने बताया कि भारत के बदलते युग के साथ-साथ नारी को लेकर सोच भी काफी हद तक बदल रही है आज की नारी हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कन्धे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। शिक्षित होकर अपने जीवन में नई ऊँचाइयों को पा रही है, फिर भी वह अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, महिलाओं एवं बेटियों को सुरक्षा एवं सम्मान मांगने से नहीं बल्कि स्वयं को सम्मान योग्य बनाने से ,एवं संस्कार एवं परिवरिश देने से होगा। आगे बताया कि “पॉक्सो” (प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012″ ) 18 साल से कम किसी भी मासूम के साथ अगर दुराचार होता है तो वह पॉक्सो एक्ट के तहत आता है।आये दिन समाज में बच्चों के साथ यौन अपराधों की ख़बरें मिलती रहती हैं, जो किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करती हैं। लिहाजा, इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या के लिए विशेष कानून “पॉस्को एक्ट” बनाया। इस कानून के तहत दोषी व्यक्ति को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। क्योंकि यह कानून बच्चों को छेड़खानी, बलात्कार और कुकर्म जैसे मामलों से सुरक्षा प्रदान करता है।

डॉ ममता वर्मा ने बताया कि जब तक जीना तब तक सीखना, अनुभव ही जीवन में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कु शिवांगी, पलक वर्मा संयुक्त रूप से प्रथम मेघा द्वितीय एवं इलमा बी तृतीय रहीं।
समस्त महाविद्यालय परिवार डॉ शिल्पी तोमर, अनीता स्वयंसेविकाओं में मेघा, नैनशी, शिवांगी, राजकुमारी, सौम्या, शालिनी, सलोनी आदि की सहभागिता एवं सहयोग रहा।असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती कार्यक्रम अधिकारी,प्रभारी मिशन शक्ति














































































