कुंवरगांव के तत्कालीन थाना प्रभारी सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट से नोटिस जारी

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सालारपुर । हाईकोर्ट से बदायूं जिले के कुंवरगांव थाने में रहे तत्कालीन प्रभारी इंद्र कुमार सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ नोटिस जारी हुए हैं कोर्ट ने विपक्षी पार्टी के पुलिसकर्मियों से तीन सप्ताह के अंदर कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने को कहा है । नोटिस जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है ।यह था पूरा मामला 9 फरवरी 2024 की रात को कुंवर गांव थाना क्षेत्र के गांव बिहारी गौंटिया निवासी बांकेलाल की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी बांकेलाल का शव उनके टूबैल पर पड़ा मिला था। कोर्ट में याचिका दायर करते हुए बिनावर थाना क्षेत्र के गांव बरी समसपुर निवासी जलीस उर्फ गुड्डू ने बताया कि वह समाज सेवी व पुराना भाजपा कार्यकर्ता है । बांकेलाल के भाई ने अपने ही गांव के चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी इंद्र कुमार ने जलीस उर्फ गुड्डू को अपने नम्बर से फोन कर भैंसामई निवासी फाजिल को पूछताछ के लिए पकड़वाने के लिए गुड्डू से सहायता मांगी तो 13 फरवरी को गुड्डू ने फाजिल को बहाने से अपने घर बुलाकर इन्द्र कुमार को सौंप दिया फाजिल के अवैध संबंध पड़ोसी गांव कैली निवासी पूजा से थे जिसके बाद फिर पुलिस ने महिला पूजा को पकड़वाने के लिए सहायता मांगी जहां पुलिस ने पूजा को गिरफ्तार कर लिया ।जिसके बाद फाजिल और पूजा दोनों गुड्डू से रंजिश मान बैठे और गुड्डू को हत्या में फंसाने के लिए झूठी कहानी पुलिस को बताई जिसके बाद पुलिस ने गुड्डू को फोन कर थाने बुलाया और हवालात में बंद कर दिया गुड्डू ने दायर याचिका में कहा कि इस दौरान पुलिस ने उन्हें तरह तरह की यातनाएं शारीरिक और मानसिक प्रताड़ित किया एसओजी टीम को बुलाकर उसके हवाले कर दिया पुलिस 16 फरवरी को गुड्डू को शेखूपुर चौकी ले जाकर मारपीट की और छोडने के लिए सौदाबाजी करते रहे ।जिसके बाद पुलिस ने उनके भतीजे शोयब से 12 लाख रुपए लेकर 21 फरवरी को थाने से छोड़ दिया । गुड्डू का मोबाइल थाने में रखा था जिसके एवज में 50 हजार रुपए और लिए गए। पूरे मामले में पुलिस ने हत्या में फंसाने का डर दिखाकर गुड्डू से 12 लाख 50 हजार रुपए वसूले ।थाने से छूटने की बाद पीड़ित गुड्डू ने एसएसपी से लिखित शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके बाद उसने अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन बरेली से स्वयं पेश होकर शिकायत की ,डाक रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई । पीड़ित ने परेशान होकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें अगली सुनवाई 22 मई 2026 है पीठासीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान ने 9 अप्रेल को विपक्षी पार्टी के तत्कालीन प्रभारी इंद्र कुमार ,नीरज मलिक तत्कालीन प्रभारी एसओजी,सचिन कुमार कांस्टेबल एसओजी, भूपेंद्र कुमार कांस्टेबल एसओजी,आजाद कांस्टेबल एसओजी, मुकेश कांस्टेबल एसओजी, विपिन यादव कांस्टेबल एसओजी,कुशकांत कांस्टेबल एसओजी, नरेंद्र सिंह कांस्टेबल तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव , रामकुमार शर्मा उर्फ सुरेन्द्र चालक तत्कालीन थाना कुंवर गांव ,दो अज्ञात सिपाही तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव , उपनिरीक्षक मलखान सिंह तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव, सिपाही आबिद अली तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव, विनोद गौतम तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव, रोहित राठी तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव, विनीत तेवतिया तत्कालीन तैनाती थाना कुंवर गांव,के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया है जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी इंद्र कुमार बरेली की क्राइम ब्रांच में तैनाती है वहीं उपनिरीक्षक मलखान सिंह मूसाझाग , विनीत तेवतिया सहसवान , विनोद गौतम सिविल लाइन चालक सुरेन्द्र पुलिस लाइन में हैं । नोटिस जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है ।

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