बागवानी में भी ड्रिप सिस्टम लगवाया जाए: डीएम
बदायूं। जिलाधिकारी दीपा रंजन की अध्यक्षता में उद्यान विभाग से संबंधी योजनाओं पीएमकेएसवाई, आरकेवीवाई, एससीपी, पीएमएफएमई, नमामि गंगे योजना एवं शीतगृहों से आलू निकासी विषयक बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभागार मंे आयोजित की गई। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी/उप निदेशक उद्यान, बरेली मण्डल, बरेली, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला विकास अधिकारी, शीतगृह स्वामी व अन्य किसान उपस्थित रहे।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी/उप निदेशक उद्यान, बरेली मण्डल, बरेली पूजा द्वारा समिति को संबोधित करते हुए अवगत कराया गया कि जनपद को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत प्राप्त लक्ष्य 1425 हैक्टेयर (ड्रिप 783 हैक्टेयर, पोर्टेबिल स्प्रिंकलर 428 हैक्टेयर, मिनी स्प्रिंकलर 40 हैक्टेयर, माइक्रो स्प्रिंकलर 40 हैक्टेयर, रेनगन 134 हैक्टेयर) का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। लघु कृषकों हेतु प्रति हैक्टेयर 90 प्रतिशत अनुदान देय है। अन्य कृषकों/2.0 हैक्टेयर से अधिक भूमि क्षेत्रफल के कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान देय है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत उद्यान रोपण आम 10 हे0, अमरूद 10 हे0, फल क्षेत्र विस्तार केला 35 हे0, संकर लतावर्गीय 15 हे0 एवं प्याज 45 हे0 का लक्ष्य हुआ है। उद्यान रोपण आम, अमरूद एवं क्षेत्र विस्तार केला में कृषक अपने प्रक्षेत्र पर 0.4 से 4 हे0 तक बागवानी एवं संकर लतावर्गीय फसल में 0.2 से 0.4 हे0 कार्यक्रम कर सकता है। औद्यानिक विकास योजना (राज्य सेक्टर) संकर कद्दूवर्गीय खेती 1 हे0, मसाला मिर्च की खेती 2.5 हे0 आई0पी0एम0 3 हे0 शिमला मिर्च 2.5 हे0, संकर धनिया 1 हे0, गेंदा पुष्प 1.5 हे0, प्याज 2 हे0 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। औद्यानिक विकास योजनान्तर्गत कार्यक्रम कृषक अपने प्रक्षेत्र पर 0.1 से 0.2 हे0 तक कर सकता है।
पीएमएफएमई योजनान्तर्गत उद्यमी 10 लोगों के समूह तैयार करते हुए बैंक से ़ऋण हेतु आवेदन करते हुए अपने उद्योग का आॅनलाइन आवेदन कर सकता है। योजनान्तर्गत 35 प्रतिशत सब्सिडी अंशदान संबंधित ऋण खाते में दिया जायेगा। फलपट्टी क्षेत्र के उद्यमियों द्वारा किये उद्योग पर सर्वप्रथम विचार किया जायेगा। पूर्व में यदि कोई खाद्य प्रसंस्करण इकाई या उद्योग लगा हुआ है, वह भी विस्तारित इकाई के लिये सब्सिडी हेतु आवेदन कर सकता है।
नमामि गंगे योजनान्तर्गत गंगा के तटवर्ती विकास खण्ड कादरचैक, उझानी, सहसवान, दहगवाॅ एवं उसावां गंगा किनारे की 41 ग्रामसभाओं हेतु 100 हे0 बागवानी एवं एक नर्सरी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। कृषक अपनी भूमि पर 0.2 से 1.0 हेक्टेयर तक बाग लगा सकते हैं। कृषक बागवानों को निःशुल्क पौध एवं 3000 रूपये प्रति हेक्टेयर के अनुपात में प्रोत्साहन अनुदान धनराशि 36 माह तक देय होगी। नर्सरी स्थापना 1 हेक्टेयर हेतु धनराशि रू0 7.50 लाख का अनुदान देय है।
डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि केला, आलू फसलों के साथ-साथ बागवानी में भी ड्रिप सिस्टम लगवाया जाये। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य योजनान्तर्गत जिला उद्यान अधिकारी व जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि मैंथा, लेमनग्रास, अमरूद उत्पाद से संबंधित उद्योग लगाने हेतु प्रस्ताव तैयार कराये जायें। संबंधित कंपनियों से संपर्क स्थापित कर उत्पादित माल की आपूर्ति हेतु संपर्क किया जाये। नमामि गंगे योजनान्तर्गत लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति की जाये।














































































