बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी में स्थित आर्य समाज मंदिर पर आज रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। सर्वप्रथम यहां सामूहिक यज्ञ हुआ। सब ने मिलकर अथर्ववेद के मंत्रों से विशेष आहुतियां दी। वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि मनुष्य संसार में सब प्राणियों से अधिक बुद्धिमान है। फिर भी वह पशु पक्षियों की अपेक्षा हर वक्त भयभीत रहता है। पशु-पक्षी निर्भीक होकर निर्जन वनों में रात-दिन बिचरते हैं। भय का कारण होने पर ही भयभीत होते हैं किंतु मनुष्य तो अकारण ही भयभीत रहता है। भयभीत होने का मुख्य कारण आत्मविश्वास की कमी तथा ईश्वर में विश्वास ना होना है। आचार्य ने कहा कि व्यक्ति को स्वयं पर, स्वयं की शक्तियों पर, स्वयं की सामर्थ पर पूरा विश्वास होना चाहिए। जिसने हमें जीवन दिया जो ईश्वर कहलाता है। हमें उस पर भी सदा भरोसा रखना चाहिए और यह हमेशा याद रखना चाहिए कि वह परमेश्वर हमारे सदा साथ है। यदि ऐसा होगा तो कभी भय ना होगा। इस मौके पर प्रश्रय आर्य, राकेश आर्य, साहब सिंह, दुर्गेश कुमार सिंह, मोना रानी, किरन, तानिया रानी, भावना रानी, अंजलि रानी, कौशिकी रानी, निशांत आर्य, सूरजवती देवी, मुन्नी देवी आदि मौजूद रहे।