कटी पतंग के समान होता है अहंकारी मनुष्य
उत्तम मार्दव के रूप में मनाया दूसरा दिन
चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में हुए धार्मिक कार्यक्रम
बिल्सी। नगर के मोहल्ला दो स्थित श्री चंद्रप्रभू दिगम्बर जैन मन्दिर में पर्युषण पर्व का द्वितीय दिन यहां जैन अनुनायियों ने उत्तम मार्दव के रूप में मनाया। जिसमें सर्वप्रथम जैन श्रद्धालुओं द्वारा भगवान जिनेन्द्र का मंगल जलाभिषेक कर शांतिधारा की गई। जैन समाज के लोगों द्वारा तीर्थंकर भगवान की की मंगल आरती की गई। वीरांगना मंडल की अध्यक्ष डॉ आरती जैन ने उत्तम मार्दव धर्म का महत्व समझाते हुए कहा कि मृदुभाव आत्मा का स्वभाव है। मृदुता आत्मा के सरल परिणाम को कहते हैं। जैसे कि जो जीव धर्म बुद्धि को जानते हैं, ऐसे जीवों को उचित है कि समस्त जीवों में हमेशा मृदुभाव अर्थात् सरल भाव रखना चाहिए। कठोर भाव का त्याग करना चाहिए। जो ज्ञानी पंडित हो तो भी ज्ञान मद नहीं करना चाहिए। यह विचारना चाहिये कि मेरे से बड़े-बड़े और भी बहुत से ज्ञानी हैं। बड़े-बड़े ऋषि मुनि केवली भगवान् यह सभी चिदात्मज्ञानी हैं। ज्ञान मद करना मेरी भारी मूर्खता है। उन्होने कहा कि मान, अहंकार, कषाय का मर्दन करना ही मार्दव धर्म कहलाता है। संसारी प्राणी अनादिकाल से मान और अपमान के झूले में झूलता आया है। हम सर्वत्र प्रत्येक क्षेत्र में मान चाहते है, यही चाहत हमारे समस्त दुखों का मूल है। अज्ञान का परम अंधकार का कारण है। अहंकार मान की भावना, विवेक को नष्ट कर देती है। अहंकारी मनुष्य कटी पतंग के समान होता है। जिसको पतन से बचाने के लिए कोई डोर नहीं है और जो कभी भी किसी क्षण नीचे आकर विनष्ट हो सकता है। इसी क्रम में यहाँ नीरेश जैन के सानिध्य में बच्चों की प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें पार्श्वनाथ टीम, महावीर टीम, आदिनाथ टीम ने हिस्सा लिया। यहाँ महावीर ग्रुप के प्रीत जैन ने सर्वाधिक प्रश्नों के सही उत्तर देकर अव्वल रही। इस मौके पर जैन समाज के मंत्री अनिल जैन सोनी, सुनील जैन, मयंक जैन, दीपक जैन, सोनिल जैन, बॉबी जैन, लकी जैन, काजल जैन, कोपल जैन, स्वीटी जैन, मोना जैन, बबिता जैन, दिव्या जैन, रेखा जैन, रीता जैन आदि मौजूद रही।













































































