बिल्सी। बिसौली-बिल्सी मार्ग पर गांव गुधनी-खौंसारा स्थित बलदाऊ जी महाराज के मंदिर पर आज रविवार को उनका जन्मोत्सव भक्तों ने यहां हर वर्ष की भांति इस बार भी धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के मंहत रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि यहां सबसे पहले भक्तों ने पूजा-अर्चना कर आरती की। उसके बाद 56 व्यंजनों से भगवान के लिए भोग लगाया गया। इससे बाद दोपहर को भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें सैकड़ो ने बाबा का प्रसाद ग्रहण किया। उन्होने जानकारी देते हुए क्षेत्र में बलदेव महाराज का आसपास मंदिर नहीं है। जिससे हर वर्ष यहां पशुओं का मेला आयोजित किया जाता है। पिछले दो वर्ष से देश में चल रहे कोरोना के कारण मेला नहीं लग पा रहा है। मंदिर में केवल भक्त ही पूजा करने आ रहे है।उन्होने बताया कि बलदेव छठ का संबंध भगवान श्री बलराम से है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी को ब्रज के राजा और भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज बलदेव जी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है। पौराणिक संदर्भ का जिक्र करते हुए बताया कि ब्रज के राजा दाऊजी महाराज के जन्म के विषय में गर्ग पुराण के अनुसार देवकी के सप्तम गर्भ को योगमाया ने संकर्षण कर रोहिणी के गर्भ में पहुंचाया। भाद्रपद शुक्ल षष्ठी के स्वाति नक्षत्र में वसुदेव की पत्नी रोहिणी, जो नन्दबाबा के यहां रहती थीं। उनके गर्भ से अनन्तदेव शेषावतार प्रकट हुए। इस कारण श्री बलदाऊ जी महाराज का दूसरा नाम संकर्षण हुआ। उन्होने बताया कि छह साल के होते ही दोनों भाई दैत्यों के संहार में जुट गए। उन्होंने श्रीकृष्ण के साथ मिलकर मथुरा के राजा कंस का वध किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, आचार्य ललित शर्मा, राजकुमार शर्मा, रामजी शर्मा, अनिल शर्मा, कैलाश शर्मा, लवकुमार शर्मा, कुश शर्मा, रजनीश शर्मा, शुभम शर्मा आदि मौजूद रहे।