बिल्सी। नगर के मोहल्ला संख्या दो स्थित प्राचीन श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बीती शुक्रवार की शाम से शुरू हुए जैन धर्म के दस दिवसीय पर्यूषण पर्व का पहला दिन यहां उत्तम क्षमा धर्म से शुरू हुआ। यहां सबसे पहले जैन अनुयायियों द्वारा भगवान जिनेंद्र का मंगल जलाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके पश्चात विधि विधान से जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। श्री दिगंबर जैन महा समिति के जिलाध्यक्ष अनिल जैन सोनी ने बताया कि संसार में प्रत्येक मानव प्राणी के लिए क्षमा रूपी शास्त्र इतना आवश्यक है कि जिनके पास यह क्षमा नहीं होती वह मनुष्य संसार में अपने इष्ट कार्य की सिद्धि नहीं कर सकता है। क्षमा यह आत्मा का धर्म है, इसलिए जो मानव अपना कल्याण चाहते हैं, उन्हें हमेशा इस भावना की रक्षा करनी चाहिए। क्षमावान् मनुष्य का इस लोक और परलोक में कोई शत्रु नहीं होता है। क्षमा ही सर्व धर्म का सार है। क्षमा ही सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र रूप आत्मा का मुख्य सच्चा भंडार है। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ मृगांक जैन उर्फ टीटू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यहाँ वीरांगना मंडल की ओर से नीरेश जैन के सानिध्य में बच्चो की थाल सजाओ प्रतियोगिता में नैंसी जैन प्रथम, स्तुति जैन द्वितीय, दिव्या जैन तृतीय एवं प्रज्ञा जैन-परी जैन सात्वना पुरुस्कार प्राप्त किया। इसके बाद णमोकार मंत्र प्रतियोगिता में मोक्षित जैन, अर्श जैन, अरु जैन, ग्रंथ जैन, नामृत जैन, स्पर्श जैन अव्वल रहे। वीरांगना मंडल से अध्यक्षा डॉ आरती जैन, इंदु जैन, पूजा जैन, प्रीति जैन, सीतू जैन, प्रतिभा जैन, प्रीति जैन का विशेष सहयोग रहा। इधर नगर के मोहल्ला साहबगंज में पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भी जैन अनुयायियों द्वारा पर्युषण पर्व सोशल डिस्टेंसिग के साथ मनाया गया।