यूपी में डेयरी जेनेटिक्स और पशु प्रजनन के लिए बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
बरेली। उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और जेनेटिक्स से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार और लीड्स जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत राज्य में 360-डिग्री इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जाएगा। सेंटर में उन्नत पशु प्रजनन, डेयरी जेनेटिक्स-जीनोमिक्स, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य, पोषण, दूध के मूल्य संवर्धन और सर्कुलर इकोनॉमी पर काम होगा। इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जेनेटिक्स से लेकर दूध के तैयार उत्पाद और फिर डेयरी फार्म तक पूरी वैल्यू चेन को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। परियोजना में स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और उनके विस्तार के साथ राज्य में बेहतर जेनेटिक क्षमता वाले पशुओं की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
एमओयू के तहत सेंटर में एलीट बुल्स, एम्ब्रियो और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उत्पादन के साथ आर्टिफिशियल इन्सेमिनेशन, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन, एम्ब्रियो ट्रांसफर और जीनोमिक सिलेक्शन जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा वैज्ञानिक फीड एवं फॉडर सिस्टम, दूध प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन तथा गोबर से ऑर्गेनिक मैन्योर और कंप्रेस्ड बायोगैस तैयार करने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। परियोजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला जर्मप्लाज्म अपेक्षाकृत कम लागत पर उपलब्ध कराने और फार्म गेट पर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन सहायता देने की योजना है। बेहतर जेनेटिक्स के साथ पशु पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन को जोड़कर दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सेंटर विभागीय कर्मचारियों, पशु चिकित्सकों और तकनीशियनों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी काम करेगा। इस पहल में ब्राजील की कृषि अनुसंधान संस्था एमब्रापा और डेयरी एवं गिर नस्ल सुधार से जुड़े फजेंडा फ्लोरेस्ता की वैज्ञानिक विशेषज्ञता भी ली जाएगी। एमब्रापा डेयरी कैटल के वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. मार्कोस विनिसियस बारबोसा दा सिल्वा ने बताया कि ट्रॉपिकल डेयरी कैटल के लिए एमब्रापा द्वारा विकसित एसएनपी चिप को भारत में पहली बार लीड्स जेनेटिक्स के माध्यम से पेश किया जा रहा है। यह जीनोमिक प्लेटफॉर्म गिर और जिरोलैंडो जैसी जेबू नस्लों के लिए विकसित किया गया है।
एमओयू के अवसर पर बीएल एग्रो ग्रुप के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल, लीड्स जेनेटिक्स के डायरेक्टर नवनीत रविकर, डॉ. मार्कोस विनिसियस बारबोसा दा सिल्वा और फजेंडा फ्लोरेस्ता के ओनर एवं डायरेक्टर ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस डॉ. रोजेरियो बारोस समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, राज्य में पशु जेनेटिक्स, ब्रीडिंग प्रैक्टिस और उत्पादकता में सुधार के लिए यह पहल तकनीकी प्रशिक्षण और ज्ञान के हस्तांतरण का माध्यम बनेगी। वहीं, लीड्स जेनेटिक्स के अधिकारियों ने कहा कि सेंटर के माध्यम से उन्नत प्रजनन और जेनेटिक तकनीकों को राज्य के विभिन्न जिलों के डेयरी किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
परियोजना से डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करने और पशुओं के गोबर से कंप्रेस्ड बायोगैस के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने की भी योजना है।
















































































