बीआईएमटी में पोश एक्ट 2013 पर संगोष्ठी, छात्राओं को बताए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के अधिकार
बदायूँ। बदायूँ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (बीआईएमटी) में पोश अधिनियम 2013 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “अवेयरनेस एंड क्वेश्चनिंग” विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की रोकथाम, महिला सुरक्षा तथा शिकायत की प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
संगोष्ठी की मुख्य अतिथि एवं वक्ता इला फरशोरी ने छात्राओं को पोश कानून के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की स्थिति क्या होती है, ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित को अपने अधिकारों का प्रयोग किस प्रकार करना चाहिए तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहें। उन्होंने छात्राओं को निर्भीक होकर अपनी आवाज उठाने और कानूनी अधिकारों की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर महाविद्यालय निदेशक अक्षज रस्तोगी, आशीष सिंघल एवं विकास आहूजा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि पोश कानून के बारे में जागरूकता बेहद आवश्यक है। संस्थान का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इस प्रकार की संगोष्ठियां विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।महाविद्यालय के डीन अरविन्द कुमार गुप्ता ने कहा कि पोश कानून का प्रभावी पालन करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर नीतू सिंह ने किया। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न, उसकी रोकथाम, शिकायत प्रक्रिया और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर सौरभ सक्सेना सहित समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
















































































