एसआरएमएस सीईटी में कंप्यूटिंग एवं इंटेलिजेंट सिस्टम के क्षेत्र में नवीन तकनीकी पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस
बरेली। श्री राम मूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएमएस सीईटी) में एडवांस कंप्यूटिंग और इंटेलिजेंट सिस्टम में प्रगति पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICACIS-2026) का आयोजन हुआ। कंप्यूटिंग एवं इंटेलिजेंट सिस्टम के क्षेत्र में नवीन तकनीकी एवं शोध विचारों के आदान-प्रदान के लिए आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के 10 तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों ने 90 से ज्यादा शोध पत्र प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता मलेशिया के सेलांगोर दारुल एहसान स्थित यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी मारा की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) जसनी मोहम्मद जैन और झाँसी स्थित बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. डॉ. जितेंद्र कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित किया और कंप्यूटिंग एवं इंटेलिजेंट सिस्टम के क्षेत्र में नवीन तकनीकी की जानकारी के साथ इसकी चुनौतियों से भी सावधान किया। डा.प्रदीप अत्रेय, डा.सोमेश कुमार, प्रोफेसर एहतिराम रजा खान और सतगुर प्यारी पद्नाभम ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। श्रीराम मूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी , बरेली में एडवांस कंप्यूटिंग और इंटेलिजेंट सिस्टम में प्रगति पर दो दिवसीय (18 एवं 19 सितम्बर 2026) अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस (ICACIS-2026) आयोजित हुई। बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी , झांसी के सहयोग से आयोजित कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति जी, ट्रस्ट सचिव आदित्य मूर्ति, बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी झांसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) जितेंद्र कुमार शर्मा, मुख्य वक्ता मलेशिया के सेलांगोर दारुल एहसान स्थित यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी मारा की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) जसनी मोहम्मद जैन और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया। कॉन्फ्रेंस के प्रथम दिन विभिन्न वक्ताओं द्वारा कंप्यूटिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं उसकी उपयोगिता पर अपने विचार विद्यार्थियों के साथ साझा किये। जिसमें मलेशिया के सेलांगोर दारुल एहसान स्थित यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी मारा की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) जसनी मोहम्मद जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में मानवता की सेवा के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और इसके आदान प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई माडम के लिए डेटा और इंटेलीजेंस महत्वपूर्ण है, लेकिन मुख्य मुद्दा सिक्योरिटी है। इस पर काम करके ही एआई को आटोनामस ड्राइव के तौर पर सुरक्षित संचालित किया जा सकता है। BIET झांसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) जितेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हमने अपने 36 वर्ष के करियर में आमूलचूल बदलाव को देखा है। कंप्यूटर की शुरुआत के साथ एआई को भी देख रहे हैं। इसमें संदेह नहीं टेक्नोलॉजी का विकास यहीं पर रुकने वाला नहीं है। आज की युवा पीढ़ी इसे और भी आगे ले जाएगी। बस इसके लिए ध्यान में रखना जरूरी है कि बदलाव समाज के भले के लिए विकास के लिए होना चाहिए। माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च के प्रोफेसर (डॉ.) धीरज एवं बेनेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अरुण यादव ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इससे पहले कॉन्फ्रेंस डायरेक्टर एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) प्रभाकर गुप्ता ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। जबकि कॉन्फ्रेंस कन्वीनर डॉ. ज्योति अग्रवाल ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्य एवं थीम ‘इंटेलिजेंट और सुरक्षित कंप्यूटिंग में हाल के ट्रेंड्स’ की जानकारी दी। झांसी के प्रोफेसर एवं कांफ्रेंस के कन्वीनर प्रो. (डॉ.) नरेंद्र सिंह बेनीवाल ने उद्घाटन सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सृष्टि चौधरी ने किया। कांफ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार (19 सितंबर को डा.प्रदीप अत्रेय, डा.सोमेश कुमार, प्रोफेसर एहतिराम रजा खान और सतगुर प्यारी पद्नाभन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डा.एमएस बुटोला, वाइस प्रिंसिपल ऋतु सिंह, डीन डा.शैलेंद्र सक्सेना, डायरेक्टर प्लेसमेंट डा.अनुज कुमार, डायरेक्टर फार्मेसी डा.अमित कुमार शर्मा, नर्सिंग के प्रिंसिपल डा.पारसराम, सभी विभागाध्यक्ष, फैकल्टी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
















































































