बरेली सरकार शाहदाना वली के कुल शरीफ में अकीदतमंदों का उमड़ा जनसैलाब
बरेली। दरगाह शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलैह के उर्स की तकरीबात आज बाद नमाज़-ए-फज्र तिलावते कलाम-ए-पाक से शुरू हुई। दरगाह शरीफ पर संदल पेश किया गया और सलातो-सलाम का नजराना पेश किया गया। दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादर व गुलपोशी की रस्म अदा की।बाद नमाज़-ए-जुहर एआईएमआईएम की ओर से प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी, प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश शादाब एसके, बरेली जिलाध्यक्ष असलम तथा महानगर अध्यक्ष आनेस सकलैनी ने दरगाह पर चादर व फूल पेश किए और इत्र की बरसात की। इस दौरान जायरीन ने दरगाह पर गुलाबजल छिड़ककर अपनी अकीदत का इज़हार किया।इसी दौरान दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी ने कहा कि हिंदुस्तान सूफी संतों की सरजमीं है। सूफी परंपरा हिंदुस्तान को एक सूत्र में पिरोने का काम ख्वाजा गरीब नवाज सैय्यदना वारिस पाक से लेकर कुतुब-ए-बरेली हजरत शाहदाना वली सरकार तक करती आ रही है। खानकाहों और दरगाहों पर सभी धर्मों के लोग अकीदत के साथ आते हैं, जो कौमी एकता की मिसाल है। इस प्रकार के आयोजन देश और समाज दोनों को मजबूत करते हैं।बाद नमाज़-ए-असर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।फनकार निजाम साबरी कलियर एवं उनके साथियों ने अपने सूफियाना कलाम पेश कर बुजुर्गों के प्रति अकीदत का इज़हार किया।इस के बाद दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन अल्हाज मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी अहसन मियां ने तकरीर करते हुए कहा कि हमारे प्यारे पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो तआला अलैहि वसल्लम ने नमाज़ की पाबंदी करने, नेक रास्ते पर चलने, गरीबों की मदद करने और बुराइयों से बचने की सीख दी है।
खानकाह-ए-तहसीनिया के सज्जादानशीन हजरत मौलाना हस्सान रजा खां ने कुल शरीफ की फातिहा पढ़ी।
प्रोग्राम की निजामत मौलाना मोहम्मद आलाउद्दीन साहब ने की।सज्जादानशीन-ए-तहसीन-ए-मिल्लत सूफी रिजवान मिया ने हिंदुस्तान में अमनो अमन भाईचारा सलामती खुशहाली तरक्की के लिए खुसूसी दुआ की।
दरगाह के सदर यूसुफ इब्राहिम साहब ने सभी की दस्तारबन्दी कर और उर्स की मुबारकबाद दी।
कुल शरीफ में शिरकत करने वालों में युसूफ इब्राहिम,गफूर पहलवान,सलीम रजा, वसी अहमद, मिर्जा शाहाब बेग,मिर्ज़ा मुकर्रम बेग,महबूब साबरी,गुल्लन खा, जावेद खा,अब्दुल सलाम नूरी,फसाहत नूर खा,जावेद खा,जुनैद खा,नोशाहद खा,शहज़ाद अंसारी आदि सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे।
















































































