बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक भगवान श्री गणेश की स्थापना की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, गणेश वंदना एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। पूजन आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने विधिवत संपन्न कराया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय रहे। विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्यों रामकिशोर श्रीवास्तव, श्रीमती अलका नवीन, नीलम मिश्रा, प्रियंका यादव सहित समस्त विद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाकर भगवान श्री गणेश की सुंदर प्रतिमा स्थापित की गई। आचार्यों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर विद्यालय, विद्यार्थियों एवं समस्त समाज के सुख, समृद्धि, ज्ञान तथा मंगलमय भविष्य की कामना की। भैया-बहनों ने गणेश वंदना, भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।इस अवसर पर आचार्यों ने भगवान गणेश के जीवन एवं आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणपति भगवान बुद्धि, विवेक, ज्ञान और शुभारंभ के प्रतीक हैं। विद्यार्थियों को उनके गुणों से प्रेरणा लेकर अनुशासन, परिश्रम, विनम्रता एवं सदाचार को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक शुभ कार्य से पूर्व भगवान गणेश का स्मरण करने की परंपरा रही है।विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने सभी भैया-बहनों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी गौरवशाली भारतीय परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम के दौरान आचार्य ने हिंदी दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला और सभी से हिंदी भाषा को सम्मान एवं महत्व देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसे जन-जन तक पहुंचाने तथा इसके प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की आवश्यकता है।अंत में भगवान श्री गणेश की आरती की गई तथा उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।