शिक्षकों की समस्याओं को लेकर प्रभारी मंत्री से मिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
बदायूं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला कार्यकारिणी ने राज्यमंत्री व बदायूं के प्रभारी मंत्री से मुलाकात कर परिषदीय शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए जाने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन के लिए गैस सिलेंडरों की आपूर्ति गैस एजेंसियों द्वारा विद्यालयों तक नहीं की जा रही है। इसके चलते शिक्षकों को विद्यालय समय में सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी तक जाना पड़ता है, जिससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। महासंघ ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित कर गैस सिलेंडरों की विद्यालय स्तर तक डिलीवरी सुनिश्चित कराने की मांग की।महासंघ ने एमडीएम खाद्यान्न की आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कई विद्यालयों के लिए भेजा जाने वाला खाद्यान्न विद्यालय तक पहुंचने के बजाय कोटेदार के घर अथवा न्याय पंचायत स्तर पर ट्रक खड़ा कर दिया जाता है और शिक्षकों को वहां से खाद्यान्न उठाने के लिए बुलाया जाता है। महासंघ ने खाद्यान्न की विद्यालय स्तर तक आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की।इसके अलावा वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय में शिक्षकों के कई माह से लंबित विभिन्न प्रकार के एरियर का भुगतान कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबित एरियर का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।जिले के कई ब्लॉकों में चयन वेतनमान से संबंधित मामलों में भी देरी का मुद्दा उठाया गया। महासंघ ने बताया कि कई खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शिक्षकों की सेवा पुस्तिका पूर्ण कराकर चयन वेतनमान संबंधी पत्रावली जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को प्रेषित नहीं की गई है। इससे शिक्षक समय से चयन वेतनमान के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस संबंध में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई।प्रतिनिधिमंडल ने कुछ ब्लॉक कार्यालयों में शिक्षकों के वेतन, सेवा पुस्तिका और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के बजाय लंबे समय से कुछ विशिष्ट व्यक्तियों से कार्य कराए जाने का आरोप भी लगाया। महासंघ ने कहा कि ऐसी व्यवस्था से अनावश्यक देरी के साथ भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलने की शिकायतें सामने आती हैं। मांग की गई कि शिक्षकों के सभी महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय सीमा में पारदर्शी तरीके से कराए जाएं, जिससे शासन की भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की मंशा को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।प्रभारी मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला संयोजक दुष्यंत कुमार, जिला सह संयोजक प्रदीप कुमार एवं सोनी गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी अंकुर कुमार, रीता रानी ब्लॉक उपाध्यक्ष सालारपुर, सुखविंद्र यादव ब्लॉक संयोजक म्याऊं, सुरेंद्र कुमार सिंह ब्लॉक अध्यक्ष उझानी, लखेंद्र सिंह संगठन मंत्री उझानी, प्रशांत कुमार ब्लॉक मंत्री उझानी, वीरेंद्र पाल ब्लॉक संयुक्त मंत्री उझानी, अजब सिंह ब्लॉक उपाध्यक्ष उझानी, राहुल माहेश्वरी ब्लॉक उपाध्यक्ष उझानी, मयंक शर्मा ब्लॉक कोषाध्यक्ष जगत, जयदान सिंह एवं राजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
















































































