बदायूं में पूर्व मंत्री आबिद रजा ने किया दलित सम्मेलन, बोले- ‘द’ और ‘म’ मिलकर बनाएंगे ‘दम’
बदायूं। पीडीए के आह्वान और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पूर्व मंत्री आबिद रजा ने सोमवार को शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र एवं बदायूं शहर के दलित समाज का सम्मेलन आयोजित किया। भारी बारिश के बावजूद सम्मेलन में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में जाटव, वाल्मीकि और गाडगे समाज के संभ्रांत लोगों के साथ ही विभिन्न वर्गों के दलित समाज के नेताओं ने भागीदारी की।
सम्मेलन में पहुंचने पर दलित समाज के लोगों ने पूर्व मंत्री आबिद रजा का बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया, जबकि गाडगे समाज के नेताओं ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मंत्री ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की।
संबोधन में आबिद रजा ने कहा कि आज देश, प्रदेश और जिले में दलित तथा मुस्लिम समाज की स्थिति काफी हद तक एक जैसी है। उन्होंने दावा किया कि जिले में दलित समाज की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत और मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी भी लगभग 20 प्रतिशत है। दोनों समाज की कुल हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत होने के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि दलित और मुस्लिम समाज की अनदेखी करके सियासत अधूरी है। जब तक दोनों समाज के लोग परेशान रहेंगे, तब तक देश पूरी तरह तरक्की नहीं कर सकता।
पूर्व मंत्री ने कहा कि दलित समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहने वाली पार्टी दलित समाज से हमदर्दी का दिखावा करती है, लेकिन दलित समाज की वास्तविक तरक्की के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
आबिद रजा ने अपने संबोधन में दलित-मुस्लिम एकता को शब्दों के माध्यम से समझाते हुए कहा कि देश की तरक्की के लिए हिंदू और मुसलमान को मिलकर ‘हम’ बनाना होगा। इसी तरह दलित समाज के ‘द’ और मुस्लिम समाज के ‘म’ को मिलाकर ‘दम’ बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अगर दलित और मुस्लिम समाज का ‘दम’ मजबूत हो गया तो यही ‘हम’ और ‘दम’ मिलकर आने वाले 2027 के चुनाव में सत्ता परिवर्तन की ताकत बनेंगे और विपक्षी पार्टियों का दम निकाल देंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने शेखूपुर विधानसभा और बदायूं शहर के दलित समाज के लोगों को इसलिए आमंत्रित किया है, क्योंकि वह दलित समाज से दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी दलित समाज का उत्पीड़न होता है तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे। दलित समाज के हर मुश्किल वक्त में आबिद रजा उनके साथ खड़ा रहेगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव ने पीडीए का गठन किया था, जिसकी सफलता वर्ष 2024 के चुनाव में देखने को मिली। उसी पीडीए की तर्ज पर दलित सम्मेलन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए की मजबूती के आधार पर अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि दलित समाज की एकजुटता पीडीए को और मजबूत करेगी।
सम्मेलन में हरिओम सागर, हेतराम सागर, मुरारी सागर, चरण सिंह सागर, सुरेश सिंह सागर, सिप्पटर सिंह सागर, पप्पू सागर, डॉ. राजेंद्र सागर, राजेंद्र दिवाकर, वेदप्रकाश दिवाकर, राजू सागर, वीरेंद्र सागर, नत्थु सागर, भवेंद्र सागर, धर्मवीर सागर, नवीन विद्यार्थी, सिद्धार्थ वाल्मीकि, रमेश डी लाल, प्रवेश दिवाकर, डोरीलाल सागर, गौरी शंकर सागर, अनोखे लाल, सुरेश पाल सागर, नीरज सागर, अजय सागर, सतीश सागर, गिरीश सोनकर, जसवीर सोनकर, जवर सिंह सागर, अनिल सागर, जगदीश सागर, हीरालाल सागर, धर्मवीर सागर, श्याम सिंह सागर, राजू सागर समेत सैकड़ों दलित समाज के लोग मौजूद रहे।
















































































