बरेली। यूजीसी से संबंधित विवादित प्रावधानों की वापसी, आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग को लेकर सोमवार को सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में दर्जनों लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सर्वेश्वर पाल सिंह, जयवीर सिंह, सोनू ठाकुर, मंजू चौहान और गजेंद्र पांडेय ने किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय के अधिकारों का विरोध करना नहीं है, बल्कि संविधान सम्मत सामाजिक न्याय, समान अवसर और सामाजिक समरसता सुनिश्चित करना है। ज्ञापन में मांग की गई कि उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू विवादित यूजीसी प्रावधानों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों के हितों और समानता के सिद्धांत की रक्षा हो सके। आरक्षण व्यवस्था पर प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई। उनका कहना था कि आरक्षण का लाभ वास्तव में जरूरतमंद, गरीब और वंचित परिवारों तक पहुंचे तथा आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को इससे बाहर रखने पर विचार किया जाए। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे संविधान और कानून के दायरे में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेंगे। धरना प्रदर्शन में ज्योति मिश्रा , संजीव शंखधार, जय नारायण गुप्ता , मंजू गुप्ता , आरती तोमर , जयवीर सिंह , आलोक सक्सेना , विजेंद्र सिंह प्रधान, गजेंद्र पांडेय , सर्वेश्वर पाल सिंह , सोनू ठाकुर , बिक्की पंडित, स्वदेश सिंह , सुधीर शर्मा आदि मौजूद रहे।