बरेली। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सोमवार सुबह शहर में भारी तबाही मचाई। चंद घंटों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में दूध की डेरी समेत तीन जर्जर मकान भरभराकर गिर गए। राहत की बात यह रही कि किसी भी घटना में जनहानि नहीं हुई, लेकिन आजमनगर में तीन स्कूटर और बिहारीपुर में डेरी के पशु मलबे में दब गए। आसपास के मकानों में दरारें आने से लोगों में दहशत का माहौल है। पहला हादसा सुबह करीब 5:30 बजे सौदागरान स्थित दरगाह आला हजरत के पास हुआ, जहां करीब 50 साल पुराना दो मंजिला मकान अचानक ढह गया। मकान के नीचे सुरमे की दुकान थी और ऊपर रहने वाले लोग पहले ही जर्जर हालत के कारण मकान खाली कर चुके थे। मकान गिरने से दरगाह जाने वाला रास्ता मलबे से बंद हो गया। दूसरी घटना सुबह करीब 6:30 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर में हरी मस्जिद के पास हुई। यहां शरीफ मियां का करीब 80 साल पुराना दो मंजिला मकान गिर गया। मलबा पूरी गली में फैल गया और वहां खड़े तीन स्कूटर उसके नीचे दब गए। तीसरी घटना बिहारीपुर क्षेत्र के मोहल्ला कसग्रान में हुई, जहां मंगल यादव की दूध की डेरी भरभराकर गिर गई। डेरी में बंधे पशु मलबे में दब गए। मोहल्ले के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से शहर के जर्जर मकानों का तत्काल सर्वे कर उन्हें खाली कराने और बारिश के दौरान संभावित हादसों को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है।