राष्ट्रीय खेल दिवस पर गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में खेलों की धूम रही
बदायूँ। गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ‘मेजर ध्यानचंद और भारतीय खेल का स्वर्णिम युग’ विषय पर एक दिवसीय विचार गोष्ठी एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि मेजर ध्यानचंद केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण के प्रतीक थे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने शानदार प्रदर्शन से भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को मेजर ध्यानचंद के जीवन से निष्ठा, निरंतर अभ्यास, अनुशासन और खेल भावना की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया है।
गोष्ठी में शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ. शालू गुप्ता, परास्नातक हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉ. उमा सिंह गौर, समाजशास्त्र विभाग की डॉ. इति अधिकारी तथा शारीरिक शिक्षा विभाग की डॉ. सोनी मौर्य ने मेजर ध्यानचंद के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने भारतीय हॉकी में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद का खेल जीवन आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान खेलों के महत्व, युवाओं में बढ़ती फिटनेस जागरूकता तथा नई खेल नीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। छात्राओं ने कबड्डी और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं के समापन पर विजेता छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्यक्रम का मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
















































































