चीनी के दामों में तेजी से व्यापार मंच नाराज, गरीब परिवारों को हर माह 5 किलो मुफ्त चीनी देने की मांग
बरेली। चीनी की कीमतों में पिछले 15 से 20 दिनों में 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी का दावा करते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसी को लेकर मंच ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गरीब परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) के तहत हर महीने 5 किलो मुफ्त चीनी वितरित करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।शनिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच (रजि.) महानगर बरेली के पदाधिकारी जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम फर्स्ट को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने ज्ञापन में कहा कि सरकार की वर्तमान नीतियों के कारण गरीब एवं मध्यम वर्ग द्वारा दैनिक उपयोग में लाई जाने वाली चीनी महंगी हो चुकी है और आने वाले समय में इसके भाव में और तेजी आने की संभावना है।ज्ञापन में कहा गया कि एक तरफ गन्ना उत्पादक किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है, जबकि दूसरी तरफ बाजार में चीनी के दाम दोगुने हो चुके हैं। व्यापार मंच ने एथेनॉल निर्माण पर सरकार द्वारा अत्यधिक जोर दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि इसके कारण चीनी महंगी हो रही है और उत्पादन प्रक्रिया में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा है।
व्यापार मंच ने एथेनॉल-मिश्रित ईंधन को लेकर भी अपनी चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि करोड़ों वाहन स्वामी एथेनॉल-मिश्रित ईंधन के कारण विभिन्न प्रकार की यांत्रिक एवं व्यावहारिक समस्याओं से पीड़ित हैं।
जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि महंगाई पहले से ही दिखाई दे रही थी और अब चीनी के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 से 20 दिनों में चीनी के भाव में 20 से 25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि जमाखोरी और महंगाई पर सरकार का नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि इसी समस्या को लेकर व्यापार मंच जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का संगठन विरोध करेगा और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो भविष्य में आंदोलन करने के लिए विवश होगा।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि रसोई गैस, अनाज, डीजल, पेट्रोल, सोना और चांदी समेत कई वस्तुओं के महंगे होने से गृहणियों का बजट बिगड़ गया है। संगठन ने सरकार से महंगाई से राहत के लिए जल्द ठोस और सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच की प्रमुख मांग है कि गरीब परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रत्येक माह 5 किलो मुफ्त चीनी अनिवार्य रूप से वितरित की जाए। ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, जिला महामंत्री फुरकान शम्सी, जिला कोषाध्यक्ष प्रथमेश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष सैयद गौहर अली, महानगर महामंत्री सतीश भसीन और महानगर कोषाध्यक्ष हरीओम अग्रवाल शामिल रहे।
















































































