अखण्ड आर्यावर्त महासभा का पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पर प्रदर्शन
लखनऊ। अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी को नजरबंद किये जाने के बावजूद प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रमौलि शुक्ला और कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर के दिवंगत प्रतिष्ठित कारोबारी चन्द्रभूषण त्रिपाठी परिवार की दो विधवा बहुओं प्रीति और निहारिका त्रिपाठी को न्याय दिलाने और आरोपी मोनिश हसन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नरेट (सीपी) मुख्यालय प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शन में शामिल पीड़ित महिलाओं की पीड़ा को सुनकर अगले तीन दिनों में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन को रोकने के लिये पुलिस प्रशासन पूरी तरह ऐड़ी चोटी जोर लगाये हुये थी और इसके लिये ऋषि त्रिवेदी को कल रात से ही उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया, ताकि होने वाला विरोध प्रदर्शन रोका जा सके, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रमौलि शुक्ला और कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने में सफल रहे। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रमौलि शुक्ल और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोस्वामी ने साफ कहा कि हिन्दू परिवार को बरबादी के कगार पर पहंुचाने वाले मोनिश हसन ने पूरी तरह से लव एण्ड लैण्ड जिहाद का कुचक्र रच कर पहले त्रिपाठी परिवार की बेटी शिल्पी त्रिपाठी को प्रेमजाल में फंसाकर निकाह किया फिर उसके बाद परिवार के सभी पुरूषों की मौत होने के बाद एकाएक चन्द्रभूषण त्रिपाठी की सम्पत्तियों और कारोबार को हड़पने का कार्य पर्दे के पीछे रहकर किया। यही नहीं बल्कि बीते 22 जून को बड़े हादसे की नीयत से घर में घुसने का प्रयास किया जिसकी रिपोर्ट होने के बाद भी गोमतीनगर थाने की पुलिस ने कोई कार्यवाही न कर आरोपी मोनिश को बचाने का पूरा प्रयास आज तक करती आ रही है। इस प्रदर्शन के बाद नजरबंद रहे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने स्पष्ट कहा कि मोनिश हसन अपनी पत्नी शिल्पी त्रिपाठी उर्फ अरशी हसन और उसकी मां गीता त्रिपाठी को टूलकिट बनाकर जिस तरह चन्द्रभूषण त्रिपाठी के परिवार की सम्पत्ति और कारोबार हड़पने का काम किया है वह पूरी तरह से लैण्ड जिहाद का हिस्सा है और पुलिस प्रशासन को इसी ऐंगल से जांच कर कार्यवाही करनी चाहिए। श्री त्रिवेदी ने चेतावनी देते हुये कहा कि यदि तीन दिन के आश्वासन के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो संगठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर दस्तक देगी।















































































