दुनियाभर से अकीदतमंद करेंगे उर्स-ए-रजवी में शिरकत
बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का तीन दिवसीय 108वे उर्स-ए-रज़वी का आगाज़ तीन दिन बाद 6 अगस्त से शुरू हो जाएगा। उर्स की सभी तैयारियां काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी (असजद मियां ) की सरपरस्ती और जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत व जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की निगरानी में अंतिम चरण में पहुंच गई है। जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां ने कहा दरगाह पर दुनियाभर से अकीदतमंदों की बड़ी संख्या में आने की इतेला को देखते हुए जायरीनों को ठहरने खाने व अन्य सुविधाओं के मद्देनजर आज अंतिम समीक्षा बैठक की गई है। दरगाह समेत जिले भर के अलग अलग हिस्सों में बैठकों का दौर जारी था। इतनी बड़ी तादाद में जायरीन के लिए दरगाह इंतजामिया व जिला इंतजामिया (प्रशासन) द्वारा किए गए इंतजाम (व्यवस्था) ना काफी होती है। इसलिए लंगर कमेटियो से ज्यादा से ज्यादा लंगर लगाने को कहा है। आला हजरत के मेहमानों की सेवा के लिए बरेली वाले अपने दिलों के दरवाज़े खोल दे। बरेली की मेहमान नवाजी दुनिया भर में मशहूर है, हम सभी लोग जायरीन के लिए रात दिन जुटकर उनकी मेहमान नवाजी करनी है। वही जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मिया ने बताया दुनियाभर से अकीदतमंद उर्स-ए-रजवी में शिरकत करेंगे। और काज़ी-ए-हिंदुस्तान के संपर्क में देश-विदेश के जायरीन। बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने की इतेला मिल रही है। जिसमें हिंदुस्तान के कोने-कोने के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, सऊदी अरब, मॉरीशस, तुर्की साउथ अफ्रीका, जिंबॉब्वे, अमेरिका, इंग्लैंड, यूके, जर्मनी, मिस्र, दुबई, हॉलैंड, तुर्की आदि देशों अकीदतमंद शिरकत करने बरेली पहुंचेंगे। उर्स कोर कमेटी के डॉक्टर मेंहदी हसन ने बताया जायरीनों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो, उसके लिए दो दिन साथ और आठ अगस्त को 24 घंटे सिटी स्टेशन से उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रजा तक के लिए काज़ी-ए-हिंदुस्तान की ओर से निशुल्क बसों का इंतजाम किया गया है। बसों का कैंप उर्स कोर कमेटी के दानिश रज़ा की देखरेख में रहेगा जो कैंप आठ अगस्त को रात 8 बजे तक समाप्त हो जाएगा। जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया रविवार को उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रजा में उर्स आला हजरत की तैयारीयों को लेकर अंतिम समीक्षा बैठक की गई। दरगाह से लेकर उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रजा तक तैयारीया जोरों पर चल रही है। जायरीनों को ठहरने की व्यवस्था, खाने-पीने की व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, शौचालय, वजू के लिए पानी की टंकी, स्टेज, पंडाल, साउंड, सजावट, यातायात व्यवस्था आदि इंतजामों पर बड़ी गौर से चर्चा की गई। उर्स की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में उर्स कोर कमेटी, वॉलिंटियर, लंगर कमेटी और जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की सभी ब्रांचे जुटे हुए है। लगभग सभी काम पूरे हो चुके हैं। उर्स का आयोजन शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न कराया जा सके। बैठक का संचालक उर्स कोर कमेटी के हाफिज इकराम रज़ा खां ने किया। उर्स की व्यवस्थाओं में समरान खान, हाफिज इकराम रज़ा, डॉक्टर मेंहदी हसन, मोईन खान, शमीम अहमद, यासीन खान, कौसर अली, अब्दुल्लाह रज़ा खां, दानिश रजा, बख्तियार खां, मोईन अख्तर, गुलाम हुसैन, रेहान रज़ा, आतिफ मिर्जा, रहबर खान, अली रजा, सैफ रज़ा कादरी, नावेद आलम, शाईबउद्दीन रज़वी आदि लोग लगे हुए है ।















































































