डी पॉल स्कूल में एचपीवी वैक्सीन पर जागरूकता शिविर लगा,विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी
बदायूँ। शहर में डी पॉल स्कूल में मंगलवार को 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के अभिभावकों के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के संबंध में एक व्यापक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मोहम्मद असलम ने विद्यालय के ऑडिटोरियम में प्रोजेक्टर के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर, उसके कारण, बचाव एवं एचपीवी वैक्सीन की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। इसे सामान्य भाषा में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहा जाता है। यह ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के लंबे समय तक रहने वाले संक्रमण के कारण होता है और समय रहते टीकाकरण से इस गंभीर बीमारी से प्रभावी बचाव संभव है।उन्होंने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को उनके अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद यह जीवन रक्षक वैक्सीन लगाई जा रही है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित कर अभिभावकों को वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में विद्यालय की लगभग 200 छात्राओं, उनके अभिभावकों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान अभिभावकों ने वैक्सीन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. असलम ने विस्तार से उत्तर देते हुए बताया कि इस वैक्सीन का कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं है तथा किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे व्यक्ति भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार यह टीका लगवा सकते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर अजिन पॉल ने अपने संबोधन में कहा कि एचपीवी वैक्सीन बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं भविष्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एवं संगठन व्यक्तिगत हितों अथवा अज्ञानता के कारण सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से इस वैक्सीन को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अभिभावकों को ऐसे दुष्प्रचार से बचते हुए केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर विश्वास करना चाहिए।उन्होंने जानकारी दी कि 28 जुलाई 2026 को विद्यालय परिसर में सरकारी चिकित्सकों की देखरेख में अनुभवी मेडिकल टीम द्वारा बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा। यह टीकाकरण केवल अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही किया जाएगा।मेडिकल टीम के सदस्य श्री रविन्द्र कुमार जोशी ने बताया कि टीकाकरण के समय आधार कार्ड एवं अभिभावक का मोबाइल नंबर साथ लाना आवश्यक होगा, ताकि ओटीपी के माध्यम से तत्काल सहमति प्रक्रिया पूरी की जा सके।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की छात्रा शिजा तनसीर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर डॉ. वीरेन्द्र कुमार, एएनएम तारा, अंजू रावत, नेहा खुराना सहित विद्यालय परिवार एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।















































































