चादरों के जुलूस में न लाए डीजे:अहसन मियां
बरेली । उर्स-ए-रज़वी की तैयारियां बड़े पैमाने की जा रही है। ज़ायरीन की सहूलियत के लिए बैठकों का दौर जारी है। सभी तैयारिया दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती बदरूशरिया मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी(अहसन मियां) व सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में चल रही है। उर्स की सभी रस्में दरगाह आला हज़रत समेत इस्लामिया मैदान में अदा की जायेगी। उर्स के दौरान देश-विदेश से आए अकीदतमंद दरगाह पर चादर व अकीदत के फूल पेश कर दुनिया भर में अमन ओ सुकून की दुआ करते है। बरेली जिले के अलावा आसपास के जिलों से भी लोग पैदल जुलूस की शक्ल में चादर लेकर दरगाह आते है। उर्स के सम्बद्ध में आज दरगाह पर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने सभी जुलूस कमेटियों से कहा है कि दरगाह पर चादर जुलूस में डीजे का इस्तेमाल न करे। डीजे शोर-शराबे के साथ फिजूलखर्ची को बढ़ावा देते है। डीजे की जगह एक या दो सुराही का ही इस्तेमाल करे। लंबी-लंबी कपड़े की चादर की जगह फूल की डली लेकर आए। बेहतर हो कि नबी-ए-करीम द्वारा दी गई तालीमात लिखी तख्तियां लेकर जुलूस में शामिल हो। अल्लाह की रज़ा के लिए कपड़े की चादर और डीजे पर खर्च होने वाली रकम उन जरूरतमंद मदरसों व स्कूली छात्रों की फीस और किताबों में खर्च कर दे। बीमारों को दवा,बेसहारा लोगो के लिए राशन का इंतेज़ाम करा दे।दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि बैठक में सभी वालंटियर्स व लंगर कमेटियों ने उर्स में बेहतर व्यवस्था करने के लिए अपनी राय रखी। शाहिद नूरी ने संचालन करते हुए जिले भर से आई सभी लंगर कमेटियों का शुक्रिया अदा किया। मौलाना बशीर उल क़ादरी,मास्टर कमाल, औररंगज़ेब नूरी,परवेज़ नूरी,अब्दुल माजिद व इशरत नूरी ने अपनी राय रखी। आखिर में खुसूसी दुआ के बाद सबको लंगर तकसीम किया गया। बैठक में मुफ्ती आकिल रज़वी,मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी,मुफ्ती अय्यूब नूरी,मुफ्ती ज़ईम रज़ा,मौलाना अख्तर,राशिद अली खान,अजमल नूरी,ताहिर अल्वी,शान रज़ा,मुजाहिद बेग,मंजूर रज़ा,इशरत नूरी, आलेनबी,काशिफ रज़ा, ज़ुहैब रज़ा,अब्दुल माजिद,सय्यद एजाज़, नफीस खान,हाजी अब्बास नूरी,तारिक सईद,हाजी शरिक नूरी,नईम रज़ा, साजिद नूरी,सय्यद फैजान अली,युनुस गद्दी,अश्मीर रज़ा,इरशाद रज़ा,गौहर खान,फारूक खान,हाजी फय्याज नूरी,अजमल रज़ा,समी खान,रूमान खान,साकिब रज़ा,नाजिम रज़ा,आरिफ नूरी,सबलू अल्वी,सुहैल रज़ा,आदिल रज़ा,शाद रज़ा,अरवाज़ रज़ा,तहसीन रज़ा,रफी रज़ा,मुस्तकीम रज़ा,शरिक बरकाती,ग़ज़ाली रज़ा,जुनैद मिर्ज़ा,जावेद खान,सैफ खान,हाजी शकील,अरमान रज़ा,हाजी अज़हर बेग,साकिब रज़ा आदि लोग मौजूद रहे।















































































