बरेली। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष आर्येंद्र मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, विद्यार्थियों को न्याय तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देशभर के छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक वर्षों की मेहनत, त्याग और आर्थिक कठिनाइयों के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास को तोड़ देती हैं। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय बताया। ज्ञापन में कहा गया कि पेपर लीक की घटनाओं से अनेक विद्यार्थी मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हुए हैं तथा कुछ ने निराशा में आत्महत्या तक कर ली। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह दिल्ली में हुए प्रदर्शन का पक्षकार नहीं है, लेकिन किसी भी निर्दोष छात्र पर अनावश्यक बल प्रयोग या लाठीचार्ज का विरोध करता है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने मांग की कि पेपर लीक की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, प्रभावित विद्यार्थियों के लिए बिना अतिरिक्त आर्थिक भार के पुनर्परीक्षा कराई जाए, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा तंत्र गठित किया जाए तथा प्रतियोगी परीक्षार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए निःशुल्क परामर्श एवं सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं। संगठन ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष अवसर और न्याय चाहता है। ज्ञापन के दौरान आर्येंद्र मिश्रा , एकाश गुप्ता , प्रमोद उपाध्याय, सचिन शर्मा , दिनेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।