बिल्सी ,तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया । आज का विशेष सत्संग ऋग्वेद पारायण यज्ञ के साथ आरंभ हुआ । अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ से पूर्व चारों वेदों के 31 मंत्रों का वाचन किया ! एक मंत्र का दोहन करते हुए उन्होंने बताया “मनुष्य को अभय होकर रहना चाहिए ! मित्र से डर ना लगे , शत्रु से डर म लगे , दिन में डर ना लगे , रात में डर ना लगे ! पृथ्वी पर जहां भी जाए वहां सब मित्र हों प्रेम करने वाले हों , और यह सब तब होगा जब व्यक्ति जान बूझकर कोई पाप ना करे , गलत काम ना करे ! जो अपने देश का संविधान है उसका पालन करे तथा चरित्र को उज्ज्वल बनाए । चरित्र व्यक्ति का तब उज्जवल होता है जब व्यक्ति अपनी आत्मिक उन्नति के लिए स्वाध्याय व साधना करता है ,सामाजिक उन्नति के लिए परोपकार करता है सेवा करता है , शारीरिक उन्नति के लिए व्यायाम करता है सात्विक और पवित्र आहार करता है । यज्ञ के उपरांत .कुमारी तानिया आर्य ‘कुमारी कौशिकी आर्य कुमारी उर्वशी आर्य ने सुंदर भजन गया – ‘सुखी बसे संसार सब दुखिया रहे न कोय , यह अभिलाषा हम सब की भगवान पूरी होय ।इस अवसर पर राकेश आर्य , श्रीमती लीलावती देवी ,नौबतराम आर्य ,श्रीमती मुन्नी देवी , श्रीमती कमलेश कुमारी , श्रीमती सूरजवती देवी तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहे ।