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Uttar Pradesh

बदायूँ गंगा एक्सप्रेसवे पर एनडीआरएफ-फायर विभाग की संयुक्त मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियां परखी गईं

July 9, 2026By admin0 comments
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बदायूँ। गंगा एक्सप्रेसवे के ग्रुप-2 स्थित बिनावर टोल प्लाजा पर बुधवार को आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एनडीआरएफ, फायर विभाग और अदाणी परियोजना टीम के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान एलपीजी टैंकर दुर्घटना, गैस रिसाव और आग लगने जैसी काल्पनिक आपात स्थिति का सफलतापूर्वक सामना कर विभिन्न एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल का नेतृत्व एनडीआरएफ बटालियन के कमांडेंट रविंद्र सिंह असवाल, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर चमन किशोर गुप्ता तथा फायर स्टेशन ऑफिसर शैलेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान अदाणी परियोजना की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह, सिक्योरिटी एवं इंसिडेंट मैनेजर बलजीत सिंह, सेफ्टी मैनेजर राजेश कुमार मौर्य सहित परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अभ्यास के तहत एलपीजी टैंकर के दूसरे वाहन से टकराने के बाद गैस रिसाव और आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। साथ ही टैंकर के आसपास पाँच लोगों के फंसे होने का परिदृश्य भी बनाया गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर विभाग और अदाणी की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
एनडीआरएफ की टीम ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की सहायता से गैस रिसाव पर नियंत्रण स्थापित करते हुए सभी पाँच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं फायर विभाग ने आग और गैस रिसाव से उत्पन्न संभावित खतरे पर प्रभावी कार्रवाई कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग की समीक्षा करना था। अभ्यास के समापन पर पूरे अभियान का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।अधिकारियों ने कहा कि इस सफल अभ्यास ने साबित किया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, समयबद्ध कार्रवाई और संसाधनों के समुचित उपयोग से किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

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