बरेली। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद, बरेली के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने जनपद के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों का अप्रैल और मई माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार दो माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हरी शंकर ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मी विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षा, कार्यालयी कार्यों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का दायित्व निभाते हैं। इसके बावजूद समय पर मानदेय का भुगतान न होना उनके श्रम और अधिकारों की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की कि संबंधित कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर अप्रैल और मई माह का लंबित मानदेय बिना किसी विलंब के जारी कराया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके। परिषद के जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो परिषद आउटसोर्सिंग कर्मियों के साथ विचार-विमर्श कर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कर्मचारियों की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की अपील की, ताकि सभी कर्मी आर्थिक चिंता से मुक्त होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।