14 वर्ष तक के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना प्रतिबंधितबाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन हेतु डीएम ने गठित की कमेटी
बदायूं। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद बदायूं में 01 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। जिलाधिकारी अवनीश राय ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करते हुए अभियान के सफल संचालन हेतु जनपद स्तरीय टीम का गठन किया है।जिलाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथा संशोधन 2016 के अंतर्गत 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजित किए जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओं, जैसे खदानों, विस्फोटक सामग्री निर्माण प्रतिष्ठानों तथा कारखाना अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित प्रतिष्ठानों में नियोजित करना प्रतिबंधित है।उन्होंने बताया कि अभियान के संचालन हेतु गठित टीम में नगर मजिस्ट्रेट, संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी, संबंधित क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त, संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षा अधिकारी, प्रभारी एएचटीयू तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी शामिल किए गए हैं।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अभियान अवधि में चिन्हित बाल एवं किशोर श्रमिकों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा उनका आयु परीक्षण कराया जाए। साथ ही, जनसामान्य को बाल श्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए।उन्होंने कहा कि अभियान की समाप्ति के उपरांत चिन्हित बाल श्रमिकों के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी तथा उनके परिवार के पात्र सदस्यों को रोजगारपरक एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा। श्रम विभाग को निर्देशित किया गया है कि अभियान की दैनिक प्रगति एवं अभियान समाप्ति के उपरांत की गई कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।















































































