गंगा एक्सप्रेस वे के डहरपुर पर औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन तेज होगा
बदायूँ।जिलाधिकारी द्वारा अखबार में औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि की सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित कराए जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।गंगा एक्सप्रेस वे के डहरपुर इंटरचेंज पर औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में पांच गांवों के किसानों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई गई। 4 जुलाई से ग्राम चौपालें लगाने का निर्णय लिया गया है। 4जुलाई को दोपहर 12बजे गांव कैलिहाई में ग्राम चौपाल लगाई जाएगी।
किसानों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीनों का बैनामा नहीं करेंगे और यदि सरकार जबरिया भूमि अधिग्रहण करेगी तो उसका विरोध किया जायेगा।किसानों ने एक सुर में भूमि देने से इनकार किया। कहा कि जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।
भूमि बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव मौजूद रहे । उन्होंने कहा कि वे अंतिम दम तक किसानों के साथ खड़े हैं। कहा कि किसानों द्वारा भूमि अधिग्रहण का विरोध जायज है।चार फ़सली कृषि भूमि का अधिग्रहण होने से किसान बर्बाद हो जायेंगे ।किसान अपनी जमीनें नहीं देना चाहते हैं । जबरिया भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है । कहा कि हजारों बीघा बंजर परती जमीनें खाली पड़ी हैं ,सरकार को यदि उद्योग लगाने हैं तो वहां लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में भूमि अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव का आकलन कराने का प्रावधान है। लेकिन यूपीडा ने बिना सामाजिक प्रभाव का आकलन किए ही जमीनों का सर्वे करा दिया है। जिसको जिलाधिकारी ने अखबार में प्रकाशित कराया है।कहा कि यूपीए सरकार में राहुल गांधी ने अंग्रेजों का 1894 का भूमि अधिग्रहण का काला कानून रद्द कर 2013 का किसान हितैषी भूमि अधिग्रहण कानून पारित कराया था। जिसमें 80 फीसदी किसानों की सहमति के बिना अधिग्रहण संभव नहीं है। लेकिन भाजपा की योगी सरकार किसानों की सहमति के बिना गैर कानूनी तरीके से जबरिया किसानों की कृषि भूमि को हड़प कर पूंजीपतियों को देना चाहती है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि कांग्रेस किसानों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण नहीं होने देगी। कांग्रेस किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।भूमि अधिग्रहण रोकने को गठित भूमि बचाओ संघर्ष समिति की बैठक कैलिहाई गांव में हुई जिसमें आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई। तय किया गया कि हर प्रभावित गांव में ग्राम चौपाल लगाई जाएगी।ज्ञात हो कि गंगा एक्सप्रेस वे के डहरपुर इंटरचेंज के नजदीक औद्योगिक गलियारे के बहाने 3800 बीघा से अधिक जमीनें चिह्नित की गई हैं। यूपीडा द्वारा सर्वे करवा लिया गया है।और योगी सरकार किसानों से जबरिया अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है। जिसका किसानों द्वारा पुरजोर विरोध किया जा रहा है।भूमि बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में सुरेंद्र सिंह,श्रीश शर्मा , डब्लू गुप्ता , आलोक शर्मा , भोलानाथ , धर्मेंद्र कुमार , प्रदीप सिंह, संजय सिंह , तेजपाल व रामदुलार समेत दर्जनों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।















































































