उझानी। शहर में लीथियम बैटरी वाले ई-रिक्शा शरारती तत्वों के निशाने पर हैं। कल और आज लगातार दूसरे दिन मोबाइल ऐप से चलते ई-रिक्शा को बीच सड़क बंद कर दिया गया। चालकों को सवारियां उतारकर धक्का लगाना पड़ा।बताते हैं कि लीथियम बैटरी में बीएमएस यानी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगा होता है। यह सिस्टम ब्लूटूथ से मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी का वोल्टेज, तापमान और चार्ज लेवल दिखाता है। इसी बीएमएस में ऑन-ऑफ का कंट्रोल फीचर भी होता है।शरारती तत्व भीड़ में खड़े होकर BAT BMS जैसे ऐप से ब्लूटूथ ऑन कर नजदीक से गुजर रहे ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट हो जाते हैं। कनेक्ट होते ही ऐप में ‘डिस्चार्ज ऑफ’ का बटन दबाते हैं और ई-रिक्शा का पावर कट हो जाता है। वाहन वहीं थम जाता है। पुरानी लेड-एसिड बैटरी में बीएमएस नहीं होता, इसलिए वह सेफ हैं।कल नगर के केशव गर्ग परिवार सहित स्टेशन झा रहे थे,कि बीच रास्ते ई-रिक्शा को पास से बाइक पर गुजरने वाले शरारती लड़कों ने अचानक पावर कट कर दिया। चालक कुछ समझ नहीं पाया। मगर उसने उन लड़कों को मोबाइल से हेक करते देख लिया, उसने शोर भी मचाया मगर बाइक सवार रफूचक्कर हो गये। सवारियों को उतारकर तेज धूप में धक्का देकर ई-रिक्शा किनारे करना पड़ा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पैदल जाना पड़ा। शहर में दो दिन में आधा दर्जन से ज्यादा चालक शिकार बन चुके हैं।ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि अगर जल्द शरारती तत्व नहीं पकड़े गए तो बड़ा हादसा तय है। स्थानीय लोगों की मांग है कि लीथियम बैटरी हैक करने वाले युवकों पर सख्त कार्रवाई हो और बैटरी कंपनियां बीएमएस में पासवर्ड सुरक्षा मजबूत करें !